J&K: स्कूलों में उर्दू 'भगवद् गीता' पढ़ाने के फरमान पर मचा बवाल, सरकार ने सर्कुलर लिया वापस

भाषा
Updated: October 23, 2018, 3:54 PM IST
J&K: स्कूलों में उर्दू 'भगवद् गीता' पढ़ाने के फरमान पर मचा बवाल, सरकार ने सर्कुलर लिया वापस
प्रतीकात्मक तस्वीर

इस सर्कुलर का विभिन्न तबकों ने विरोध किया था. पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दूसरे धर्मों की पुस्तकों को नजरअंदाज करने को लेकर सवाल भी उठाया था.

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जम्मू-कश्मीर सरकार ने उस विवादित सर्कुलर को वापस ले लिया है, जिसमें शिक्षा विभाग से राज्य के स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में “भगवद् गीता” और “कोशुर रामायण” का उर्दू संस्करण उपलब्ध कराने को कहा गया था.

इस संबंध में एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा, “मुख्य सचिव के आदेश के तहत कुछ धार्मिक पुस्तकों को शामिल किए जाने के संबंध में सर्कुलर को वापस ले लिया गया है.” राज्य सरकार ने सोमवार को सर्कुलर जारी कर जम्मू-कश्मीर मंडल के स्कूल शिक्षा निदेशक को ये धार्मिक पुस्तकें खरीदने का निर्देश दिया था.

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सर्कुलर में स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कॉलेजों और लाइब्रेरीज़ के निदेशकों और संस्कृति विभाग से “भगवद् गीता” और सर्वानंद प्रेमी द्वारा लिखी हुई “कोशुर रामायण’’ के उर्दू संस्करण की पर्याप्त प्रतियां खरीदने को कहा गया था.

इस सर्कुलर का विभिन्न तबकों ने विरोध किया था. पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दूसरे धर्मों की पुस्तकों को नजरअंदाज करने को लेकर सवाल भी उठाया था.

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First published: October 23, 2018, 3:30 PM IST
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