जम्मू-कश्मीर में कल से खुलेंगे हाईस्कूल और मार्केट, चालू हो सकते हैं लैंडलाइन

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि जिन इलाकों में पाबंदियां हटा दी गई हैं वहां दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खोले जा सकते हैं, जबकि कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बहाल करने के लिए कोशिशें की जा रही हैं.

भाषा
Updated: August 27, 2019, 8:54 PM IST
जम्मू-कश्मीर में कल से खुलेंगे हाईस्कूल और मार्केट, चालू हो सकते हैं लैंडलाइन
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि जिन इलाकों में पाबंदियां हटा दी गई हैं वहां दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खोले जा सकते हैं, जबकि कश्मीर घाटी में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बहाल करने के लिए कोशिशें की जा रही हैं.
भाषा
Updated: August 27, 2019, 8:54 PM IST
जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि जिन इलाकों में पाबंदियां हटा दी गई हैं वहां दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खोले जा सकते हैं, जबकि कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बहाल करने के लिए कोशिशें की जा रही हैं.

जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन यूनिस मलिक ने कहा है कि हमने पहले ही प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को खोलने की घोषणा की थी, जिन इलाकों से प्रतिबंध हटा लिए गए हैं वहां कल से हाईस्कूल खोले जाएंगे.

गुरुवार से खोले जाएंगे 10 और पुलिस स्टेशन
जम्मू कश्मीर की सूचना एवं जन संपर्क निदेशक सेहरीश असगर ने संवाददाताओं से कहा कि और अधिक इलाकों में लैंडलाइन टेलीफोन कनेक्शन को बहाल करने के लिए घाटी में और भी टेलीफोन एक्सचेंज खोलने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं. सैयद सेहरिश असगर ने कहा कि गुरुवार से 10 और पुलिस स्टेशन खोले जाएंगे.

असगर ने कहा, ‘‘जहां-जहां पाबंदियां हटा दी गई हैं वहां दुकानें खोली जा सकती हैं.’’ दरअसल, उनसे पूछा गया कि व्यापारिक प्रतिष्ठान कब खुलेंगे. असगर ने ये भी कहा कि घाटी में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय खुल गए हैं और पिछले कुछ दिनों में उनमें छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ी है.

केंद्र सरकार ने की बैठक
वहीं केंद्र सरकार (Central Government) के प्रमुख मंत्रालयों और विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के तरीकों और संपत्ति एवं कर्मचारियों के बंटवारे और स्थिति को यथाशीघ्र सामान्य बनाने पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को बैठक की. संसद द्वारा इस महीने पारित जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत दो केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (Ladakh) 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे.
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बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव एके भल्ला ने की. केंद्रीय वित्त, कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग सहित बड़े मंत्रालयों और विभागों के 15 से अधिक सचिव बैठक में शरीक हुए.

राज्य को जल्द ही मिल सकता है करोड़ों का पैकेज
वहीं ख़बर है कि सरकार जम्मू-कश्मीर में 100 से अधिक केंद्रीय कानूनों के क्रियान्यन को लेकर बुनियादी ढांचा बनाने के लिए जल्द ही करोड़ों रुपये के पैकेज की घोषणा कर सकती है. इस महीने जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिए जाने के मद्देनजर सरकार के लिए ये कदम उठाने की जरूरत है.

इस निर्णय के बाद 106 केंद्रीय कानून राज्य में 31 अक्टूबर, 2019 से पूरी तरह लागू हो जाएंगे. बदलाव की इस अवधि के दौरान 30 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय और राज्य कानून दोनों लागू रहेंगे.

एक सूत्र ने कहा कि केंद्र सरकर जम्मू-कश्मीर के लिए एक विशेष पैकेज पर काम कर रही है. राज्य में केंद्रीय कानूनों के क्रियान्वयन के लिए करोड़ों रुपये के निवेश की जरूरत होगी.

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First published: August 27, 2019, 8:42 PM IST
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