आर्मी कोर कमांडर बोले- जम्मू-कश्मीर में असहज स्थिति अब अतीत की बात, घाटी में अच्छी जिंदगी चाहता है आम आदमी

जम्मू कश्मीर में हालातों में सुधार आ रहा है. (File Photo)
जम्मू कश्मीर में हालातों में सुधार आ रहा है. (File Photo)

Jammu Kashmir News: चिनार कोर में तैनात जनरल बीएस राजू ने कहा, एलओसी पर शांति के लिए भारतीय सेना अतिरिक्त कर्मियों, अतिरिक्त प्रौद्योगिकी और ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 3:40 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) के हटाए जाने के बाद वहां के हालातों में लगातार परिवर्तन आ रहा है. भारतीय सेना (Indian Army) के लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा, 'जम्मू और कश्मीर में लोग किसी भी अन्य जगह की तरह ही एक सभ्य और गुणवत्तापूर्ण जिंदगी जीना चाहते हैं.' नियंत्रण रेखा के पास उग्रवाद के संचालन की रोकथाम करने वाली चिनार कोर में तैनात जनरल बीएस राजू पंचायत और जिला विकास समिति के चुनाव के पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा, एलओसी पर शांति और वहां की पलपल की जानकारी के लिए भारतीय सेना द्वारा अतिरिक्त कर्मियों, अतिरिक्त प्रौद्योगिकी और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है.

बीएस राजू ने कहा कि सीमा पर पाकिस्तान की ओर से होने वाली घुसपैठ को लगातार रोका जा रहा है. पाकिस्तान द्वारा घाटी में की जा रही आतंकी घुसपैठ पर लगाम लगाने की कोशिश जा रही है. इसके बावजूद वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. उग्रवाद का मुकाबला करने पर, राजू ने कहा, 'हम हिंसा के स्तर को एक सीमा पर रखने में सक्षम हैं. जहां सामान्य लोग अपना काम करना जारी रख सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना आतंकवादी संख्या को भी नियंत्रण में रखने में सक्षम है.'





लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां लॉकडाउन लगाया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी नागरिक हताहत न हो. उन्होंने कहा कि उसके बाद ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस और अन्य अलगाववादी संगठनों ने बंद की घोषणा की. यहां थोड़ी बहुत आदेश की अवहेलना हुई लेकिन दिसंबर तक चीजें खुल गईं और जाड़े में होने वाला पर्यटन जोर-शोर के साथ हुआ.

घाटी में कम हुई आतंकवादी गतिविधियां
लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा, अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद घाटी में आतंकवादियां घटी हैं. सेना के आंकड़े बताते हैं कि घाटी में 207 सक्रिय आतंकवादियों में से 117 स्थानी हैं और 90 पाकिस्तान से हैं. आंकड़ों के क्षेत्र-वार ब्रेक-अप से पता चलता है कि उत्तरी कश्मीर में 22 स्थानीय नागरिक और 65 पाकिस्तानी आतंकवादी हैं, जबकि दक्षिण में 95 स्थानीय भर्तियां और सीमा पार से 25 आतंकवादी हैं. आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तरी कश्मीर में 24 युवा उग्रवाद में शामिल हो गए, जबकि 107 ने दक्षिण में ऐसा किया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की मदद से स्थानीय युवाओं को आतंकवाद से दूर किया जा रहा है.
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