J&K: अब हर साल होगी शराब के ठेकों की नीलामी, सिर्फ ये लोग ही कर सकेंगे आवेदन

प्रतीकात्मक फोटो

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जम्मू-कश्मीर में इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) निर्माताओं के हितों को देखते हुए प्रदेश में 600 रुपये तक के दाम वाली आईएमएफएल शराब के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है. शराब के होलसेल और रिटेल कारोबारी अधिकतम दस फीसदी मार्जिन पर सामान बेच सकेंगे.

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  • Last Updated: April 1, 2021, 11:46 AM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में शराब की दुकान का लाइसेंस (Liquor Contracts) अब नीलामी से ही मिलेगा. हर साल लाइसेंस नीलाम होगा और सबसे अधिक बोली लगाने वाले को इसका ठेका मिलेगा. नीलामी में केवल जम्मू-कश्मीर डोमिसाइल प्रमाणपत्र धारक की आवेदन कर सकेंगे. सरकार ने बुधवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति घोषित कर दी. यह नीति एक अप्रैल से 31 मार्च 2022 तक प्रभावी होगी. हालांकि मौजूदा लाइसेंस धारकों को एक माह तक उपलब्ध स्टॉक बेचने का समय दिया गया है.

आठ मार्च को आबकारी विभाग ने ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार की थी. सरकार ने इसी पर मुहर लगाई है. एक व्यक्ति को एक ही लाइसेंस मिलेगा. नई नीति में सीएसडी कैंटीन से बेची जाने वाली शराब पर सिविल की टैक्स दर की तुलना में 25 फीसदी कम कर लगाने का प्रावधान किया है. जम्मू-कश्मीर में इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) निर्माताओं के हितों को देखते हुए प्रदेश में 600 रुपये तक के दाम वाली आईएमएफएल शराब के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है. शराब के होलसेल और रिटेल कारोबारी अधिकतम दस फीसदी मार्जिन पर सामान बेच सकेंगे.

सरकार ने नई नीति में शराब की दुकानें नहीं बढ़ाई हैं. जिन जगहों पर मौजूदा दुकानें हैं, उन्हीं क्षेत्रों में दुकानें होंगी. नई पॉलिसी के तहत हर साल लाइसेंस निलाम होगा. आवेदन के लिए 25 हजार रुपये जबकि लाइसेंस मिलने पर के लिए पांच लाख रुपये जमा कराने होंगे, जो वापस नहीं होंगे. एक महीने तक दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया होगी. ई-ऑक्शन से नीलामी होगी. पर्यटन स्थलों पर भी दुकानें खुलेंगी. (PTI इनपुट)
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