रिहा होते ही बोलीं महबूबा मुफ्ती- 'नहीं भूले उस काले दिन की बेइज्जती, जारी रहेगा कश्मीर का संघर्ष'

महबूबा मुफ्ती 5 अगस्त से हिरासत में थीं
महबूबा मुफ्ती 5 अगस्त से हिरासत में थीं

रिहा किए जाने के बाद महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 के लिए फिर से संघर्ष करेंगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रूह पर हर पल वार करता रहा.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 7:26 AM IST
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श्रीनगर. पीडीपी (PDP) अध्यक्ष एवं जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को उनके विरुद्ध जन सुरक्षा कानून (PSA) के तहत लगाए गए आरोपों को हटा लिए जाने के बाद मंगलवार रात रिहा कर दिया गया. पिछले साल 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 (Article 370) को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट में उन्हें हिरासत में रखने से जुड़े मामले पर अगली सुनवाई होने से महज दो दिन पहले यह कदम उठाया गया है. उपायुक्त ने आदेश दिया कि तत्काल प्रभाव से महबूबा से पीएसए हटाया जाए. उनकी हिरासत इस साल 31 जुलाई को तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई थी.

रिहाई के बाद जारी किया संदेश
रिहा किए जाने के बाद मुफ्ती ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 के लिए फिर से संघर्ष करेंगी. 1 मिनट 23 सेकेंड के वीडियो में मुफ्ती ने 5 अगस्त 2019 को 'काला दिन' बताते हुए कहा कि यह फैसला हमें बुरा लगा. महबूबा ने कहा कि 'एक साल से ज्यादा समय तक हिरासत में रहने के बाद मुझे रिहा कर दिया गया है, उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रुह पर हर पल वार करता रहा, मुझे एहसास है कि यही कैफियत जम्मू-कश्मीर के लोगों की रही होगी.'
पूर्व सीएम ने कहा कि 'हम में से कोई भी उस दिन की डाकाजनी और बेइज्जती को भूल नहीं सकता. अब हम सबको इरादा करना होगा कि जो दिल्ली दरबार ने 5 अगस्त को गैर संवैधानिक और गैर लोकतांत्रिक फैसला लिया हमें उसे वापस लेना होगा.' उन्होंने कहा कि जो लोग बंद किए गए हैं, सभी को रिहा किया जाए. हमें पता है कि यह राह आसान नहीं होगी लेकिन हम संघर्ष करेंगे और यह राह आसान नहीं होगी. यह दिलचस्प है कि मुफ्ती के इस द्वारा जारी किए गए संदेश में उनका चेहरा नहीं दिखाया गया औऱ वीडियो का बैकग्राउंड पूरी तरह से काला है.





बेटी ने जताई खुशी
वहीं उनकी बेटी इल्तिजा ने खुशी प्रकट करते हुए कहा कि उनकी मां आखिरकार हिरासत से मुक्त कर दी गयीं. इल्तिजा ने हिरासत को 'अवैध, गैर कानूनी' बताया. उन्होंने कहा, 'मैं अब आशा करती हूं कि केंद्रशासित प्रदेश और उसके बाहर विभिन्न जेलों में साल भर से रखे गए युवा भी शीघ्र ही रिहा किए जाएंगे.

बता दें सुप्रीम कोर्ट ने 29 सितंबर को सुनवाई के दौरान जम्मू कश्मीर प्रशासन को इस बात पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए दो सप्ताह का वक्त दिया था कि महबूबा को कब तक हिरासत में रखा जा सकता है और क्या उनकी हिरासत एक साल के बाद भी बढ़ायी जा सकती है.

सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल की अगुवाई वाली पीठ ने कहा था, 'उनकी हिरासत पर जम्मू कश्मीर प्रशासन का क्या प्रस्ताव है.' अदालत इस विषय पर इसी सप्ताह सुनवाई करने वाली थी. जम्मू कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने मंगलवार को ट्वीट किया था, 'महबूबा मुफ्ती को रिहा किया जा रहा है.' उसके कुछ ही दिन बाद पीडीपी के एक प्रवक्ता ने कहा कि महबूबा 16 अक्टूबर को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगी.
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