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अफजल की बरसी: कश्मीर में बंद की गई मोबाइल इंटरनेट सेवाएं फिर शुरू

भाषा
Updated: February 9, 2020, 8:24 PM IST
अफजल की बरसी: कश्मीर में बंद की गई मोबाइल इंटरनेट सेवाएं फिर शुरू
प्रशासन ने 25 जनवरी को कश्मीर में 2जी इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी थी

अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के मोबाइल इंटरनेट सेवा सेवाएं स्थगित कर दी गयीं थी क्योंकि प्रशासन को अलगाववादी संगठनों द्वारा बंद के आह्वान के मद्देनजर घाटी में हिंसा होने की आशंका थी.

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श्रीनगर. संसद हमले (Parliament Attack) के दोषी मोहम्मद अफजल गुरू (Mohammad Afzal Guru) की सातवीं बरसी पर कानून व्यवस्था की किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में रविवार को मोबाइल इंटरनेट (Mobile Internet) सेवाएं स्थगित कर दी. हालांकि बाद में इन सेवाओं को फिर शुरू कर दिया गया.

अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के मोबाइल इंटरनेट सेवा सेवाएं स्थगित कर दी गयीं थी क्योंकि प्रशासन को अलगाववादी संगठनों द्वारा बंद के आह्वान के मद्देनजर घाटी में हिंसा होने की आशंका थी. उन्होंने बताया कि हालांकि बाद में शाम को ये सेवाएं बहाल कर दी गयीं.

25 जनवरी को बहाल हुई थीं सेवाएं
प्रशासन ने 25 जनवरी को कश्मीर में 2जी इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी थी. पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 (Article 370) को निष्प्रभावी बनाये जाने के बाद से घाटी में सभी संचार सुविधाएं बंद कर दी गयी थीं. पुलिस ने अफजल गुरू की बरसी पर हड़ताल का आह्वान करने को लेकर प्रतिबंधित जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (Jammu Kashmir Liberation Front) के खिलाफ शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की थी.

गुरू को संसद पर दिसंबर, 2001 में हुए हमले में उसकी भूमिका को लेकर 2013 में तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में फांसी दे दी गयी थी.

दो पत्रकारों को किया गया तलब
जेकेएलएफ (JKLF) की प्रेस विज्ञप्ति को खबर बनाने को लेकर दो पत्रकारों को पुलिस ने तलब किया था. जेकेएलएफ ने रविवार और मंगलवार को हड़ताल का आह्वान किया था. मंगलवार को जेकेएलएफ के संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट (Mohammad Maqbool Bhat) की बरसी है.दोनों पत्रकारों को पांच घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया. मकबूल भट्ट को 1984 में फांसी दी गई थी.

अधिकारियों ने बताया कि इस बीच, हड़ताल के कारण कश्मीर घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा. उन्होंने बताया कि बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कों पर सार्वजनिक वाहन बहुत कम ही नजर आये. घाटी में कहीं से भी अब तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है.

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First published: February 9, 2020, 8:24 PM IST
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