जम्मू-कश्मीर: मूल निवासी संबंधी नए नियमों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जताई आपत्ति

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मूल निवासी के लिए नए नियमों से जम्मू-कश्मीर के लोगों को नुकसान होगा (फाइल फोटो)
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मूल निवासी के लिए नए नियमों से जम्मू-कश्मीर के लोगों को नुकसान होगा (फाइल फोटो)

नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने कहा कि मूल निवासी के लिए नए नियमों से जम्मू-कश्मीर के लोगों को नुकसान होगा.

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श्रीनगर. नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) ने जम्मू-कश्मीर (Jamuu Kashmir) से बाहर के लोगों को मूल निवासी प्रमाणपत्र देने की ‘असंवैधानिक और जनविरोधी प्रक्रिया’ का विरोध करते हुए कहा कि इस कवायद का मकसद स्थायी बाशिंदों को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करना है. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मूल निवासियों के संबंध में केंद्र द्वारा जारी आदेश और नियमों को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मूल निवासी के लिए नए नियमों से जम्मू-कश्मीर के लोगों को नुकसान होगा. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘मूल निवासी के नियमों को लेकर हमारी सभी आशंका सच साबित हो रही हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस इस बदलाव का विरोध करती है क्योंकि हमें इस बदलाव के पीछे के इरादे सही नहीं लगते हैं. जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल पर्वत के दोनों तरफ के लोगों को इन नए नियमों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा.’

सरकार ने जम्मू कश्मीर मूल निवासी प्रमाण पत्र (प्रक्रिया) नियम, 2020 को इस साल 18 मई को अधिसूचित कर दिया था. नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने कहा कि पार्टी नए नियमों का विरोध करती है. मेहदी ने एक बयान में कहा कि पार्टी ने सर्वसम्मति से बाहरी लोगों को मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रदान करने की ‘असंवैधानिक और जनविरोधी प्रक्रिया’’ को खारिज कर दिया है और तुरंत आदेश और नियमों को वापस लिए जाने की मांग की है.



उन्होंने आरोप लगाया कि नए नियमों का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करना है. उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार को तुरंत मूल निवासी संबंधी आदेश और नियमों को वापस लेना चाहिए.’
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