Home /News /nation /

जम्मू-कश्मीर: सुरक्षा बलों के ऑपरेशन और अवाम का सपोर्ट न होने से टूटी आतंकियों की कमर

जम्मू-कश्मीर: सुरक्षा बलों के ऑपरेशन और अवाम का सपोर्ट न होने से टूटी आतंकियों की कमर

श्रीनगर में सुरक्षा के लिए तैनात सेना के जवान. (फाइल फोटो)

श्रीनगर में सुरक्षा के लिए तैनात सेना के जवान. (फाइल फोटो)

Jammu Kashmir Terrorist Security Forces: आम नागरिकों की हत्या में शामिल 10 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने महज़ एक महीने में ख़त्म कर दिया. चौंकाने वाली बात तो ये है कि इन सभी दस आतंकियों को इसी साल अलग-अलग आतंकी तंजीमों में शामिल किया गया था. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक इस ऑपरेशन का कम समय में इतना सटीक होने के पीछे वजह है पुख्ता जानकारी मिलना जो कि घाटी के लोगों की तरफ़ से ही साझा की जा रही थी.

अधिक पढ़ें ...

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही घाटी के हालात में सुधार आना शुरू हुआ. जो भी योजनाएं केंद्र सरकार के जरिए पूरे देश में लागू होती थीं, अनुच्छेद 370 से चलते उन योजनाओं का लाभ जम्मू-कश्मीर के लोगों को नहीं मिल पाता था, लेकिन अब उन सभी का लाभ घाटी के लोगों को मिलने लगा है. ये बदलाव जहां एक ओर आम जनता के लिए सुकून देने वाला है, तो वहीं पाकिस्तान का सुकून इन सबसे छिन गया और बौखलाहट में उसने घाटी में अपनी वारदातों को बढ़ाने के लिए अपनी नापाक कोशिशों को और तेज किया, लेकिन वो भी औंधे मुंह गिरता नज़र आ रहा है.

जिस अवाम को बरगला कर और डरा धमकाकर आतंकी तंजीम अपनी कार्रवाईयों को अंजाम देते रहते थे अब वो सपोर्ट भी उनके पास नहीं रहा. दूसरी तरफ़ सेना का ऑपरेशन ऑलआउट लगातार जारी है. पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं ने फिर कश्मीर में रेहड़ी पटरी वाले ग़रीबों को निशाना बनाया, जम्मू-कश्मीर पुलिस को टारगेट किया. यहां तक कि कश्मीरी पंडितों को भी नहीं छोड़ा, लेकिन इस हरकत का उल्टा असर दिखने लगा है.

आम नागरिकों की हत्या से कश्मीरी नाराज
सूत्रों की मानें, तो आम कश्मीरी इस तरह की हरकत से ख़ासे नाराज हैं और फिर शुरू हुई सटीक जानकारी का सुरक्षाबलों तक पहुंचना. सूत्रों के मुताबिक, टारगेटेड किलिंग करने वाले लगभग सभी आतंकियों को जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों ने अक्टूबर के महीने में ही ढेर कर दिया. जानकारी के अनुसार, 26 जून 2021 को मेहरान यसीन सलाह जिसने श्रीनगर के बरबरशाह चौक पर सीआरपीएफ़ और जम्मू-कश्मीर पुलिस पर ग्रेनेड फेंका था और इस हमले में एक स्थानीय नागरिक की मौत और तीन घायल हुए थे, को सुरक्षाबलों ने 24 नवंबर को रामबाग में एनकाउंटर में ढेर कर दिया. इस आतंकी ने 7 अक्टूबर को स्कूल के अंदर घुसकर दो शिक्षकों की भी हत्या की थी.

शाही ईदगाह में भगवान कृष्ण की मूर्ति स्थापित करने की हिन्दू महासभा ने दी धमकी, मथुरा में बढ़ाई गई सुरक्षा

बासित डार और ख़ुर्शीद डार में से ख़ुर्शीद डार मारा गया
12 सितंबर को श्रीनगर के खानयार पीएसआई अरशद अह मीर की गोली मार कर हत्या करने वाले आतंकी तंजील नबी को 15 अक्टूबर को बेमिना में ढेर कर दिया गया. 19 फ़रवरी को उमर मुश्ताक़ खानडे ने भगत चौक पर पुलिस पर हमला किया जिसमें दो पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी. सुरक्षाबलों ने मुश्ताक़ को 16 अक्टूबर को जुलबाघ में मार गिराया. 2 अक्टूबर को बटमालू में आतंकी शाहिद वानी ने मोहम्मद शफ़ी डार की हत्या की थी. सुरक्षाबलों ने महज़ 2 हफ़्ते के भीतर ही शाहिद को हब्बाकडल में मार गिराया था. श्रीनगर के इक़बाल पार्क में 5 अक्टूबर को माखन लाल बिंद्रू की हत्या में शामिल दो आतंकी बासित डार और ख़ुर्शीद डार में से एक आतंकी ख़ुर्शीद डार को 16 अक्टूबर को मेथान चनपोरा में सुरक्षाबलों ने ढेर किया, जबकि बासित डार की तलाश जारी है.

OMG: रिक्शा वाले को इनकम टैक्स ने भेजा 3 करोड़ की कर चोरी का नोटिस

शोपियां का डिस्ट्रिक्ट कमांडर आदिल वानी भी निशाना
इसी तरह से, 5 अक्टूबर को लाल बाज़ार में गोलगप्पा बेचने वाले वीरेंद्र पासवान के हत्यारे मुख्तियार शहंशाह को 12 अक्टूबर को शेहपोरा में ढेर किया गया. 5 अक्टूबर को ही हाजिन बांदीपोरा में मोहम्मद शफ़ी लोन पर हमला कर उसकी हत्या करने वाले आतंकी इम्तियाज़ डार को सुरक्षाबलों ने 11 अक्टूबर को ही ढेर कर दिया था. अनंतनाग के बस स्टैंड पर सहारनपुर के रहने वाले सग़ीर अहमद अंसारी जो कि पेशे से कारपेंटर थे उसकी शोपियां के डिस्ट्रिक्ट कमांडर आदिल वानी ने 16 अक्टूबर को हत्या की थी, उसे भी सुरक्षाबलों ने 20 अक्टूबर को शोपियां में ढेर कर दिया.

भेलपूरी बेचने वाला निकला शातिर ठग, 300 लोगों को लगाया 5 करोड़ का चूना

बिहार के मज़दूरों की हत्या करने वाला आतंकी गुलज़ार भी मारा गया
वहीं, 16 अक्टूबर को ही अराफ़ात शेख़ नाम के आंतिकी ने बिहार के रहने वाले अरविंद कुमार की हत्या की थी उसे भी सुरक्षाबलों ने रामबाग में 24 अक्टूबर को एनकाउंटर में ढेर कर दिया. इसी तरह से 17 अक्टूबर को कुलगाम में बिहार के दो मज़दूरों की हत्या और एक को घायल करने वाले आतंकी गुलज़ार अहमद को भी सुरक्षाबलों ने 20 अक्टूबर को ढेर कर दिया.

10 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने एक माह में किया ढेर
इस तरह से आम नागरिकों की हत्या में शामिल 10 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने महज़ एक महीने में ख़त्म कर दिया. चौंकाने वाली बात तो ये है कि ये सभी दस आतंकियों को इसी साल अलग-अलग आतंकी तंजीमों में शामिल किया था. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक इस ऑपरेशन का कम समय में इतना सटीक होने के पीछे वजह है पुख्ता जानकारी मिलना जो कि घाटी के लोगों की तरफ़ से ही साझा की जा रही थी. क्योंकि आम नागरिकों की हत्या को लेकर घाटी के लोग भी ख़ासे नाराज थे. दरअसल पिछले कुछ समय से आतंकी आम नागरिकों को निशाना बनाकर घाटी में डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे थे.

Tags: Article 370, Indian army, Jammu kashmir

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर