कश्मीरी लड़कियों के लिए फरिश्ते बने दिल्ली के 'बजरंगी भाईजान'

बुरी तरह डरीं कश्मीरी लड़कियां किसी भी कीमत पर अपने घर वापस जाना चाहती थीं, लेकिन कश्मीर के हालात ऐसे नहीं थे कि वह वापस लौट पातीं. ऐसे में आगे आए दिल्ली के 'बजरंगी भाईजान'

News18India
Updated: August 18, 2019, 12:05 PM IST
कश्मीरी लड़कियों के लिए फरिश्ते बने दिल्ली के 'बजरंगी भाईजान'
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Updated: August 18, 2019, 12:05 PM IST
जम्मू- कश्मीर (Jammu and Kashmir) की 32 छात्राओं को सही-सलामत घर पहुंचाने का जिम्मा उठाने वाले सिख समुदाय के तीन दोस्तों की कहानी सोशल मीडिया पर खूब तारीफ बटोर रही है. कोई इन्हें 32 छात्राओं के लिए फरिश्ता बता रहा है, तो किसी को फिल्म बजरंगी भाईजान (Bajrangi Bhaijaan) का किरदार याद दिला रहा है, जिसमें सलमान खान (बजरंगी भाईजान) जान को जोखिम में डालकर पाकिस्तान की एक बच्ची को अपने घर पहुंचाते हैं. सोशल मीडिया ही नहीं कश्मीर में तैनात आर्मी के अफसरों ने भी इन तीन दोस्तों के जज्बे को भी सराहा है.

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 ( Article 370)  हटाए जाने के बाद नर्सिंग की पढ़ाई कर रही 32 लड़कियां सोशल मीडिया पर कश्मीरियों को लेकर वायरल मैसेज की वजह से खौफजदा थीं. बुरी तरह डरीं ये लड़कियां किसी भी कीमत पर अपने घर वापस जाना चाहती थीं, लेकिन कश्मीर के हालात ऐसे नहीं थे कि वो वापस लौट पातीं. ऐसे में एक फेसबुक पोस्ट को पढ़कर इन लड़कियों ने इन लोगों से संपर्क किया. दिल्ली के तीन दोस्त हरमिंदर सिंह अहुलवालिया, अरमीत सिंह और बलजीत सिंह बबलू सिंह आगे आए और उनको सही-सलामत अपने घर पहुंचाया.

कश्मीर से पहली बार बाहर आईं थी ये लड़कियां
दिल्ली के तीन दोस्त हरमिंदर सिंह अहुलवालिया, अरमीत सिंह और बलजीत सिंह बबलू ने न्यूज 18 को बताया कि ये लड़कियां पहली बार अपना घर छोड़कर कश्मीर से बाहर आई थीं. आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर के माहौल को लेकर वो काफी डरी हुईं थी. उनको लग रहा था कि उन पर हमला हो सकता है.

दिल्ली के बजरंगी भाईजान
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उन्होंने न्यूज 18 को बताया, 'हमने हर कीमत पर उनको उनके घर सुरक्षित पहुंचाने का जिम्मा उठाया और चंदा जुटा कर उनके लिए फ्लाइट के टिकट खरीदी. लेकिन अगली चुनौती और भी बड़ी थी, क्योंकि पूरे कश्मीर में फ़ोन, इंटरनेट सब बंद था और हालात को देखते हुए कहीं आना जाना भी आसान नहीं था.' हालांकि इन लोगों ने हालात के सामने घुटने नहीं टेके. पहले सभी 32 लड़कियों को दिल्ली और फिर वहां से श्रीनगर पहुंचाया गया. कई लड़कियां शोपियां और दूसरे जिलों से थीं और उन्हें भी एक एक कर उनके घर पहुंचाया गया.

अपनों से मिलने के बाद ऐसा था कश्मीरी छात्राओं के घर का माहौल
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माता-पिता भी तनाव के माहौल में अपनी बच्चियों की हिफाजत के लिए परेशान थे, ऐसे में जब वो उनके सामने आईं तो उन्होने उसे सीधे गले से लगा लिया. मां भी अपनी बच्ची को सही सलामत देखकर खुद को रोक नहीं पाईं.

दिल्ली के बजरंगी भाईजान
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एक लड़की तो अपनी मां को सामने देखते ही उनसे लिपट गई. घर पहुंचने की खुशी लड़की के चेहरे पर साफ़ नज़र दिखी. खुशी की वजह से उनकी मां तो कुछ बोल ही नहीं सकीं.

देखिए न्यूज 18 संवाददाता आनंद तिवारी की ये रिपोर्ट

 

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First published: August 18, 2019, 11:46 AM IST
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