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कश्मीर: हथियार ले जा रहे TRF के दो आतंकी गिरफ्तार, नए साल पर थी आतंक फैलाने की साजिश

(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)

जम्मू-कश्मीर पुलिस का दावा है कि इन गिरफ्तारियों से उसने TRF मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. हालांकि अभी आतंकियों के नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 26, 2020, 7:51 AM IST
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श्रीनगर. जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) के श्रीनगर स्थित नरवल इलाके में पुलिस ने चेकिंग के दौरान भागने की कोशिश कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इन दोनों के पासे से बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए गए और ये एक आतंकी संगठन के लिए काम करते थे. जानकरी के मुताबिक ये आतंकी नए साल के मौके पर घाटी में किसी वारदात को अंजाम देने वाले थे.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि क्रिसमस के दिन शाम 5.30 बजे एसओजी नरवल से श्रीनगर की ओर जाने वाली सड़क पर गाड़ियों की जांच कर रही थी. इनपुट मिले थे कि कुछ आंतकी ऑटोमेटिक हथियारों के साथ मूवमेंट कर रहे हैं. इनपुट के आधार पर स्पेशल चेक पॉइंट बनाया गया.

पुलिस ने बताया कि गाड़ियों की जांच के दौरान JK18A 9967 नंबर की सफेद आल्टो गाड़ी में सवार लोगों ने रोके जाने पर चेकिंग पॉइंट से भागने की कोशिश की. संदिग्ध गतिविधि नजर आते ही एसओजी ने गाड़ी का पीछा किया और दो लोगों को पकड़ा. इनमें से एक आतंकी संगठन The Resistance Front (TRF) के लिए काम करता था.



पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोगों में काजीगुंड निवासी रईस अहमद और कुलगाम निवासी सुबजार अहमद शेख की गिरफ्तारी हुई है. बताया गया कि जब रईस के बैग की जांच की गई तो उसमें से 1 एके सीरीज की रायफल, 1 पिस्टल, 2 मैगजीन, 60 एक राउंड और 15 पिस्टल राउंड बरामद हुए.
UAPA के तहत मामला दर्ज
इसके बाद पुलिस ने 120-B / 121/121-A / 122 IPC, 7/25 A.Act, 18/20/38/39 गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत मामला दर्ज किया और जांच की जा रही है.

पुलिस ने जानकारी दी कि रईस अहमद डार इससे पहले भी चार मामलों में शामिल रह चुका है. शुरुआती जांच से पता चला है कि वह टीआरएफ  के लिए काम कर रहा है. उसके सहयोगियों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है. पुलिस का दावा है कि इन गिरफ्तारियों से उसने टीआरफ मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. हालांकि जम्मू पुलिस इस मामले की जांच कर रही है ताकि आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने वाले सहयोगियों का पूरा नेटवर्क पता चल सके.
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