Home /News /nation /

देश भर में मनाया जा रहा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, श्रीनगर में दो साल बाद निकला जुलूस

देश भर में मनाया जा रहा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, श्रीनगर में दो साल बाद निकला जुलूस

श्रीनगर में कश्मीरी पंडितों ने दो साल के अंतराल के बाद जन्माष्टमी का जुलूस निकाला।. (AP Photo/Mukhtar Khan)

श्रीनगर में कश्मीरी पंडितों ने दो साल के अंतराल के बाद जन्माष्टमी का जुलूस निकाला।. (AP Photo/Mukhtar Khan)

Sri Krishna Janmashtami: देश भर में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूम धाम से मनाया जा रहा है. मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है वहीं कोविड प्रोटोकॉल की अनदेखी की जा रही है.

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध के कारण सोमवार को देश के कई हिस्सों में जन्माष्टमी का पर्व सादगीपूर्ण ढंग से मनाया गया. जन्माष्टमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और अन्य नेताओं ने लोगों को बधाई दी. उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन के विभिन्न मंदिरों में यह त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया गया. इन स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल की काफी हद तक अनदेखी की गई और अधिकांश भक्तों को मास्क नहीं पहने या सामाजिक दूरी का पालन नहीं करते हुए देखा गया.

    श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तड़के ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. वृंदावन में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही, जहां दिन के समय तीन मंदिरों में उत्सव मनाया जाता है. राधा रमन मंदिर में ‘अभिषेक’ समारोह तीन घंटे से अधिक समय तक चला क्योंकि पुजारियों पद्मनाभ गोस्वामी, श्रीवत्स गोस्वामी, दिनेश चंद्र गोस्वामी और ओम गोस्वामी ने संयुक्त रूप से अनुष्ठान किया. एक पुजारी ने कहा कि कुल 27 क्विंटल दही, दूध, शहद, खांडसारी, घी और जड़ी-बूटियों का लेप भगवान कृष्ण के अभिषेक के लिए इस्तेमाल किया गया था.

    राधा दामोदर मंदिर में ‘अभिषेक’ समारोह का मुख्य आकर्षण भगवान कृष्ण के जन्म को चिह्नित करने के लिए हल्दी और दही के मिश्रण से होली खेलना था.

    वहीं दो साल के अंतराल के बाद कश्मीरी पंडितों ने सोमवार को यहां भगवान कृष्ण का जन्मदिन मनाने के लिए जन्माष्टमी जुलूस निकाला. अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुलूस शहर के हब्बा कदल इलाके के गणपतियार मंदिर से शुरू हुआ और बरबरशाह के क्रालखुद से होते हुए ऐतिहासिक लाल चौक स्थित घंटाघर तक पहुंचा.

    उन्होंने कहा कि जुलूस अमीरकदल पुल को पार कर जहांगीर चौक से गुजरा और मंदिर लौट आया. पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित भक्तों ने रथ के साथ नृत्य किया और लोगों के बीच मिठाई बांटी.

    श्रद्धालुओं में से एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा कि दो साल बाद उन्हें श्रीनगर में जन्माष्टमी का जुलूस निकालने की अनुमति मिली.

    कोविड-19 के कारण 2020 में कोई जुलूस नहीं निकाला गया था, जबकि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन के कारण इस आयोजन को रद्द कर दिया गया था.

    Tags: Janmashtami, Sri Krishna Janmashtami

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर