रंजन गोगोई को अगला CJI बनाने के खिलाफ अपील, SC में सुनवाई आज

जस्टिस रंजन गोगोई और सीजेआई  दीपक मिश्रा
जस्टिस रंजन गोगोई और सीजेआई दीपक मिश्रा

अपील में जस्टिस गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक सुनवाई के संबंध में मीडिया से बात कर न्यायपालिका में ''न्यायिक कदाचार'' का दोषी कहा गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2018, 9:20 AM IST
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भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस रंजन गोगोई के नाम की सिफारिश करने के कुछ दिन बाद सीजेआई दीपक मिश्रा बुधवार को उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करेंगे.

याचिकाकर्ता एडवोकेट आरपी लूथरा ने यह अपील दायर की है. इसमें जस्टिस गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक सुनवाई के संबंध में मीडिया से बात कर न्यायपालिका में ''अनुचित कार्य और न्यायिक कदाचार'' करने का दोषी कहा गया है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने याचिकाकर्ता से कोर्ट मास्टर के समक्ष मेंशन मेमो दायर करने के लिए कहा है.



रिपोर्ट के मुताबिक, लूथरा ने कोर्ट के समक्ष मामले को रखते हुए कहा कि कोर्ट को तत्काल इस मामले में सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर करनी चाहिए. इसपर बेंच ने कहा, "आप इंतजार करिए और देखिए. आप मेंशनिंग मेमो दीजिए, हम इसे देखेंगे."
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याचिकाकर्ता एडवोकेट सत्यवीर शर्मा के साथ लूथरा ने अपनी अपील में कहा कि वे कानून के सवाल पर न्याय की उम्मीद कर रहे हैं. एडवोकेट्स ने 12 जनवरी को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस की सामग्री के आधार पर अपनी दलील पेश की है. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सुप्रीम कोर्ट के 4 सीनियर मोस्ट जजों ने बुलाई थी. जिसमें जस्टिस चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर और कुरियन जोसेफ शामिल थे.

अपील में कहा गया है कि वे चीफ जस्टिस को संबोधित एक चिट्ठी को भी आधार मान रहे हैं, जो इन चार जजों ने मीडिया को सर्कुलेट की थी.

अपील में कहा गया, "कोर्ट के 4 सीनियर मोस्ट जजों के इस कृत्य ने देश की न्याय व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कोर्ट के आंतरिक मामलों को लेकर देश के नागरिकों के बीच हंगामा खड़ा करने की कोशिश की."

अपील में कहा गया, "याचिकाकर्ता केंद्र सरकार और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की ओर से इन चीजों की अनदेखी करने की वजह से व्यथित हैं. गैरकानूनी और न्यायपालिका के खिलाफ किए गए इस कृत्य के बाद जस्टिस रंजन गोगोई को फटकार लगाए जाने की जगह उन्हें अगला चीफ जस्टिस नियुक्त किया जा रहा है."

अपील में गोगोई को चीफ जस्टिस नियुक्त किए जाने के आदेश को रद्द किए जाने की मांग की गई है. फिलहाल 3 अक्टूबर को गोगोई के शपथ लेने का कार्यक्रम है.

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