तनाव खत्म करने के लिए रोना सिखाते हैं ये 'आंसू टीचर', अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को दी ट्रेनिंग

योशिदा ने 50,000 से अधिक लोगों को आंसू बहाने में मदद की है (सांकेतिक फोटो, क्रेडिट- news18 tamil)
योशिदा ने 50,000 से अधिक लोगों को आंसू बहाने में मदद की है (सांकेतिक फोटो, क्रेडिट- news18 tamil)

योशिदा का दावा है कि रोने से लोगों को तनाव (stress) से निपटने में मदद मिलती है. ऐसे में रोने के तरीकों से होने वाले लाभों को लेकर वे लोगों को शिक्षित (educate) कर रहे हैं. उन्होंने दावा है कि पिछले साढ़े सात सालों में उन्होंने 50,000 से अधिक लोगों को आंसू (tear) बहाने में मदद की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 9:18 PM IST
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खुद को ’आंसू टीचर’ (Tear Teacher) कहने वाले जापान (Japan) के हिडेफुमी योशिदा, लोगों का तनाव दूर करने (relieve stress) और खुशहाल जीवन जीने के तरीके के तौर पर कुछ दिनों में एक बार कुछ आंसू बहाने (shed tears) के लिए प्रोत्साहित करते हैं. अन्य सभी देशों के लोगों के मुकाबले जापानी लोगों में रोने की प्रवृत्ति कम देखी जाती है. और कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि एशियाई देश (Asian Countries) में रोने को एक तरह से सामाजिक कलंक के तौर पर देखा जाता है. और रोने वाले को कमजोर माना जाता है. लेकिन हिडेफुमी योशिदा (Hidefumi Yoshida), एक ऐसे इंसान जिन्होंने अपने जीवन के पिछले आठ साल लोगों को उनकी आंखों से अभिव्यक्त करना सिखाने में लगा दिये हैं.

योशिदा के मुताबिक जापानी लोगों (Japanese) को मूल रूप से आसानी से रोने वाला माना जाता है, लेकिन अगर बच्चे और वयस्क (Adults) रोएं तो उन्हें समान रूप से झिड़का जाता है. अगर कोई रो रहा हो तो ऐसा करके उनका रोना बंद करा दिया जाता है. योशिदा इस धारणा को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. उनका दावा है कि रोने से लोगों को तनाव (stress) से निपटने में मदद मिलती है. ऐसे में रोने के तरीकों से होने वाले लाभों को लेकर वे लोगों को शिक्षित (educate) कर रहे हैं. उन्होंने दावा है कि पिछले साढ़े सात सालों में उन्होंने 50,000 से अधिक लोगों को आंसू (tear) बहाने में मदद की है.

"अगर आप सप्ताह में एक बार रोते हैं, तो आप तनाव मुक्त जीवन जी सकते हैं"
उच्च विद्यालय के पूर्व शिक्षका हिडेफुमी योशिदा, जो खुद को 'नमिदा सेन्सी’ (आंसू शिक्षक) कहते हैं. वे अपनी रोने के लिए प्रेरित करने वाली तकनीक को “रुई-कत्सू” कहते हैं. जो मोटे तौर पर अर्थ होता है "आंसू मांगने वाले". वे जापान भर में नियमित कार्यशालाएं और व्याख्यान आयोजित करते हैं और लोगों को एक सप्ताह में आंसू बहाने के फायदे सिखाते हैं. साथ ही वे उन्हें ऐसा करने में मदद भी करते हैं.
योशिदा ने जापान टाइम्स को बताया, "अगर आप सप्ताह में एक बार रोते हैं, तो आप तनाव मुक्त जीवन जी सकते हैं." उन्होंने यह भी कहा कि "तनाव कम करने में रोने की क्रिया, हंसने या सोने से अधिक प्रभावी है."



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रोना मानसिक स्वास्थ्य को भारी लाभ पहुंचाता है
45 साल के शिक्षक योशिदा दावा करते हैं कि रोना पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका गतिविधि को उत्तेजित करके आपके मानसिक स्वास्थ्य को भारी लाभ पहुंचाता है. जो हृदय गति को धीमा कर देता है और दिमाग पर सुखदायक प्रभाव डालता है. आप जितनी जोर से रोते हैं, उतना ही अच्छा महसूस करते हैं. जोर-जोर से रोना अच्छा है, लेकिन एक भी गिराया गया आंसू आपके स्वास्थ्य और भलाई के लिए चमत्कार साबित हो सकता है.
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