लाइव टीवी

राज्यसभा में विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर्स को आरक्षण देने की रखी मांग

News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 7:42 PM IST
राज्यसभा में विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर्स को आरक्षण देने की रखी मांग
राज्यसभा में बुधवार को ट्रांसजेंडर बिल पर चर्चा की गई.

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की जया बच्चन (Jaya Bachchan) ने ट्रांसजेंडर (Transgender) को जिलाधिकारी से प्रमाणपत्र लेने के प्रावधान को भेदभावकारी बताते हुए सरकार को सलाह दी कि इस विधेयक पर समुचित विचार किया जाना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 20, 2019, 7:42 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. राज्यसभा (Rajyasabha) में कांग्रेस (Congress) सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने बुधवार को ट्रांसजेंडर (Transgender) के बारे में लाये गये एक महत्वपूर्ण विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग करते हुए इस समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण का प्रावधान करने का सुझाव दिया. उच्च सदन में थर्डजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का सरंक्षण) विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने विधेयक में ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्ति को जिला अधिकारी से प्रमाणपत्र लेने के प्रावधान पर भी आपत्ति जतायी.

विपक्षी सदस्यों का कहना था कि इसकी बजाय सरकार को स्व प्रमाणन का प्रावधान रखना चाहिए. इससे पूर्व विधेयक को चर्चा के लिए पेश करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचन्द गहलोत ने कहा कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर वर्ग को समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर उन्हें मान-सम्मान के साथ जीवन यापन में मदद देना है.

विधेयक में है दंड का प्रावधान
विधेयक में ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए दंड का प्रावधान किया गया है. इसमें ट्रांसजेंडर लोगों के हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय परिषद की स्थापना करने का प्रावधान किया गया है. विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित किया जा चुका है.

उच्च सदन में विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के एम वी राजीव गौड़ा ने कहा कि सरकार को विधेयक की समीक्षा करनी चाहिए और इस मुद्दे को केवल जैविक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विधेयक में शिकायत के निस्तारण तंत्र का कोई प्रावधान नहीं किया गया है. गौड़ा ने इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की.

दिव्यांग के बाद ट्रांसजेंडर्स के लिए पहल
भाजपा के रामकुमार वर्मा ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने समाज के पिछड़े वर्गों के विकास के लिए हमेशा पहल की है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इससे पहले दिव्यांग लोगों के लिए कई कदम उठाये और अब ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए यह विधेयक लाया गया है.नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि संसद को इस वर्ग के लिए ऐसा काम करना चाहिए जिससे उन्हें मान-सम्मान मिल सके. उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोग हर धर्म और हर प्रांत में हैं. आजाद ने अनुसूचित जाति : जनजाति उत्पीड़न रोकथाम कानून की तर्ज पर ट्रांसजेंडर वर्ग के लोगों के लिए कानून बनाने, इस वर्ग के लोगों को आरक्षण देने और एक निश्चित उम्र के बाद उन्हें अपने लिंग की घोषणा में बदलाव करने की स्वतंत्रता देने का सुझाव दिया.

तृणमूल कांग्रेस की शांता छेत्री ने भी इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग की.

जया बच्चन ने कहा इस पर हो विचार
समाजवादी पार्टी की जया बच्चन ने ट्रांसजेंडर को जिलाधिकारी से प्रमाणपत्र लेने के प्रावधान को भेदभावकारी बताते हुए सरकार को सलाह दी कि इस विधेयक पर समुचित विचार किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लाने में पहले ही काफी विलंब हो चुका है और यदि इसे प्रवर समिति में भेजा जाता है तो इस वर्ग को मिलने वाले लाभ में और विलंब हो जाएगा.

'ट्रांसजेंडर भगवान की संतान'
अन्नाद्रमुक की विजला सत्यनाथन ने ट्रांसजेंडर वर्ग के लोगों को ‘‘भगवान की संतान’’ करार देते हुए कहा कि इनमें से अधिकतर लोग आदिवासियों का जीवन बसर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब इस वर्ग के लोग सभी काम करने में सक्षम हैं तो उनके साथ समाज में भेदभाव क्यों किया जा रहा है.

विजला ने ट्रांसजेंडर लोगों को संपत्ति में समान अधिकार देने और पांच प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया.

माकपा की झरना दास वैद्य ने इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग करते हुए कहा कि सबका साथ सबका विकास का दावा करने वाली मोदी सरकार को बताना चाहिए कि इस वर्ग के लोगों को सरकार की आवास, रसोई गैस, बिजली कनेक्शन आदि योजनाओं में कितना लाभ दिया गया? जदयू के रामचंद्र प्रसाद सिंह ने प्रमाणपत्र की आवश्यकता को जरूरी बताते हुए कहा कि यह वर्ग चूंकि सरकार की सुविधाओं का लाभ लेगा, इसलिए प्रमाणपत्र होना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार में इस वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण का प्रावधान है.

ये भी पढ़ें-
बड़ी खबर! लोकसभा से पास हुआ चिटफंड संशोधन बिल, पैसा लगाना होगा सुरक्षित

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 20, 2019, 7:45 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर