जयललिता की संपत्ति के मामले पर आज होगी सुनवाई, जानिए क्या पीछे छोड़ गईं वह?

जयललिता की संपत्ति के मामले पर आज होगी सुनवाई, जानिए क्या पीछे छोड़ गईं वह?
जयललिता (फाइल फोटो)

मद्रास हाईकोर्ट ने 10 सितंबर को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से पूछा था कि क्या तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता का कोई कानूनी वारिस है? आज इस मामले की सुनवाई है.

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  • Last Updated: September 26, 2018, 5:29 AM IST
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मद्रास हाईकोर्ट ने 10 सितंबर को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से पूछा था कि क्या तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता का कोई कानूनी वारिस है और क्या उन्होंने कोई वसीयत छोड़ी थी. कोर्ट ने जयललिता से जुड़े 20 साल से ज्यादा पुराने संपत्ति कर के एक मामले में दायर अपील पर सुनवाई के दौरान यह सवाल किया और फिर सुनवाई स्थगित कर दी. न्यायमूर्ति हुलुवाडी जी. रमेश और न्यायमूर्ति के. कल्याणसुंदरम की पीठ ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के वकील से कहा कि वह इस बाबत निर्देश प्राप्त करें. इस मामले की सुनवाई आज (26 सितंबर) को होगी.

पीठ ने कहा कि चूंकि यह कानून में तय है कि अदालत किसी मृत व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही आगे नहीं बढ़ा सकती, ऐसे में जयललिता का कोई कानूनी वारिस है तो डिपार्टमेंट के वकील सेंथिल कुमार उसे रिकॉर्ड पर सामने लाएं. आइए जानते हैं कितना है जयललिता की संपत्ति...

गाड़ियां
जयललिता के पास दो टोयोटा प्राडो एसयूवी, एक टैंपो ट्रैवलर, टैंपो ट्रैक्स, एक महिंद्रा जीप, 1980 मॉडल की एंबेसडर कार, एक महिंद्रा बोलेरो, स्वराज माजदा मैक्सी और 1990 मॉडल की कंटेसा कार है. इन नौ गाड़ियों का बाजार मूल्य तकरीबन 42,25,000 रुपये है.
जूलरी


जयललिता के पास 21,280.300 ग्राम (तकरीबन 22 किलोग्राम) सोना था, जिसे कर्नाटक सरकार के राजस्व विभाग ने जब्त कर लिया था. इसलिए इसकी सही कीमत बता पाना मुश्किल है. आय से अधिक संपत्ति रखने के तहत जब्त किए आभूषणों का यह मामला अब भी सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. उनके पास 1250 किलोग्राम चांदी भी है, जिसकी कीमत तीन करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये है.

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चल-अचल संपत्ति
2016 चुनाव के लिए आरके नगर विधानसभा क्षेत्र में दायर हलफनामे के मुताबिक, जयललिता के पास 41.63 करोड़ रुपये की चल और 72.09 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है.

कंपनियों में इन्वेस्टमेंट
जयललिता ने पांच कंपनियों में बतौर 'पार्टनर' इन्वेस्टमेंट किया था, जो कि 27,44 करोड़ रुपये है. इनमें श्री जय पब्लिकेशन, सासी इंटरप्राइसेस, कोडानाड एस्टेट, रॉयल वैली फ्लोरीटेक और ग्रीन टी एस्टेट शामिल हैं.

उन्होंने एनएसएस (नेशनल सेविंग स्कीम), पोस्टल सेविंग और इंश्योरेंस पॉलिसी में कोई इन्वेस्टमेंट नहीं किया था.

कैश
आखिरी घोषणापत्र के मुताबिक, जयललिता के पास 41,000 रुपये कैश था. उनके ऊपर 2.04 करोड़ रुपये का लोन भी था. उन्होंने ये लोन इंडियन बैंक से लिया था. जयललिता ने बैंक से कुल 1.39 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसकी देनदारी चुनाव लड़ने के वक्त 2.04 करोड़ रुपये हो गई थी.
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