जयंत सिन्हा ने राहुल गांधी को दी झारखण्ड लिंचिंग केस पर Live Debate की चुनौती

जयंत सिन्हा की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा साइन की गई उस ऑनलाइन पिटीशन के जवाब में आई है जिसमें केंद्रीय मंत्री से उनकी हावार्ड की डिग्री को वापस लेने की बात कही गई है.

News18Hindi
Updated: July 12, 2018, 11:08 PM IST
जयंत सिन्हा ने राहुल गांधी को दी झारखण्ड लिंचिंग केस पर Live Debate की चुनौती
जयंत सिन्हा (File Photo)
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Updated: July 12, 2018, 11:08 PM IST
केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने पिछले हफ्ते माला पहनाकर लिंचिंग के दोषियों का स्वागत किया था जिसके बाद वह विरोधियों के निशाने पर हैं. इस मुद्दे को लेकर पहले बचाव की मुद्रा में नजर आने वाले जयंत सिन्हा ने अब आक्रमक रुख अपना लिया है. गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर ट्विटर के जरिए हमला बोला और कहा कि वह 'निजी स्तर' पर उनके खिलाफ हमला बोल रहे हैं. ट्विटर पर लिखे एक पोस्ट में सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को रामगढ़ लिंचिंग केस में 'हिन्दी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में लाइव डिबेट' के लिए चुनौती दी है.

ट्विटर पर शेयर किए गए अपने पोस्ट में सिन्हा ने लिखा, “उन्हें (राहुल गांधी) अपने सोशल मीडिया हैंडल के पीछे छुपकर, मारकर भागने की राजनीति का अभ्यास न करने दें.” सिन्हा ने आगे कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष को लगता है कि उनका व्यक्तिगत आचरण घृणास्पद है तो सभ्य तरीके से बहस करते हैं.


जयंत सिन्हा की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा साइन की गई उस ऑनलाइन पिटीशन के जवाब में आई है, जिसमें केंद्रीय मंत्री से उनकी हावार्ड की डिग्री को वापस लेने की बात कही गई है.

बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने भी प्रधानमंत्री मोदी से जंयत सिन्हा को मंत्री पद से हटाने की मांग की थी. कांग्रेस का कहना था कि या तो मोदी जयंत सिन्हा को हटाएं या फिर इसका मतलब यह होगा कि वह हिंसा की घटनाओं का समर्थन करते हैं.

वहीं लिंचिंग के दोषियों को माला पहनाने पर विवाद बढ़ने के बाद सिन्हा ने अपना बचाव करते हुए कहा था कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं.

बता दें कि लिंचिंग के दोषियों का माला पहनाकर स्वागत करने के बाद सिन्हा न केवल विरोधियों बल्कि अपने पिता यशवंत सिन्हा के भी निशाने पर आ गए. ट्विटर पर जयंत सिन्हा की आलोचना करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लिखा, “पहले मैं लायक बेटे का नालायक पिता था लेकिन रोल बदल चुके हैं. ऐसा ट्विटर पर लोग कह रहे हैं. मैं अपने बेटे के फैसले से इत्तेफाक नहीं रखता हूं. लेकिन मुझे पता है कि इसके बाद भी ट्विटर पर अपमान होगा. आप कभी जीत नहीं सकते.”

हालांकि बुधवार को जयंत सिन्हा ने लिंचिंग के दोषियों को माला पहनाने के लिए खेद प्रकट किया था.

बता दें कि पिछले साल 27 जून को हजारीबाग के रामगढ़ में करीब 100 लोगों के गौ-रक्षा दल ने पशु विक्रेता अलीमुद्दीन अंसारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. जयंत सिन्हा हजारीबाग सीट से सांसद हैं.

इस केस की फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई की गई , 21 मार्च को रिकॉर्ड पांच महीने में कोर्ट ने की सुनवाई पूरी करते हुए 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ सभी आरोपियों ने झारखण्ड हाईकोर्ट में याचिका दायर की जहां से आठ को घटना के एक साल बाद 29 जून को जमानत मिल गई. जमानत मिलने के बाद सभी दोषी जयंत सिन्हा के आवास पर पहुंचे जहां माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया.
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