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लिंचिंग के दोषियों को माला पहनाने के एक हफ्ते बाद जयंत सिन्हा ने जताया खेद

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा (File Photo)

केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा (File Photo)

इससे पहले सिन्हा ने अपना बचाव करते हुए कहा था कि वह किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं.

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    केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने लिंचिंग के दोषियों को माला पहनाने के एक हफ्ते बाद इस मामले पर खेद व्यक्त किया है. इससे पहले जयंत सिन्हा ने मामले को लेकर कानून की उचित प्रकिया का सम्मान करने की बात कही थी, लेकिन बुधवार को उन्होंने अपने इस स्टेंड से यू-टर्न ले लिया.

    न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक सिन्हा ने कहा, “कानून अपना काम करेगा. दोषियों को सजा और बेगुनाहों को न्याय मिलेगा. अगर उन लोगों को (रामगढ़ लिंचिंग केस के दोषियों) माला पहनाने से ऐसा संदेश जाता है कि मैं इस तरह की घटनाओं का समर्थन करता हूं तो मैं इसके लिए खेद प्रकट करना चाहता हूं.

    बता दें कि जयंत सिन्हा पिछले हफ्ते उस वक्त विवादों में आ गए जब हजारीबाग (झारखण्ड) के उनके आवास पर लिंचिंग के आरोपियों को माला पहनाने की तस्वीर वायरल हो गई.

    इस तस्वीर के सामने आने के बाद जयंत सिन्हा की जमकर आलोचना हो रही थी.

    ये भी पढ़ें: 'वोट बैंक' के लिए लिंचिंग के दोषियों और हिंसा फैलाने वालों से मिल रहे हैं BJP के मंत्री!

    मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ऑनलाइन याचिका का समर्थन किया जिसमें मांग की गई है कि जयंत सिन्हा से पूर्व छात्र का दर्जा वापस लिया जाए.

    वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी से जयंत सिन्हा को तुरंत मंत्री पद से हटाने की मांग की थी. कांग्रेस का कहना था कि अगर पीएम सिन्हा को नहीं हटाते हैं तो इसका मतलब यह होता है कि वह खुद इस तरह की घटनाओं का समर्थन करते हैं.

    कांग्रेस के अलावा खुद जयंत सिन्हा के पिता और पूर्व बीजेपी नेता एवं वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने उनकी आलोचना की थी.

    इससे पहले सिन्हा ने अपना बचाव करते हुए कहा था कि वह किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं.

    बता दें कि पिछले साल 27 जून को हजारीबाग के रामगढ़ में करीब 100 लोगों के गौ-रक्षा दल ने पशु विक्रेता अलीमुद्दीन अंसारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. जयंत सिन्हा हजारीबाग सीट से सांसद हैं.

    इस केस की फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई की गई थी, 21 मार्च को रिकॉर्ड पांच महीने के वक्त में कोर्ट ने की सुनवाई पूरी करते हुए 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. सजा के खिलाफ सभी आरोपियों ने झारखण्ड हाईकोर्ट में याचिका दायर की जहां से आठ को घटना के एक साल बाद 29 जून को जमानत मिल गई. जमानत मिलने के बाद सभी दोषी जयंत सिन्हा के आवास पर पहुंचे जहां उन्हें माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया.

    बता दें कि इस मामले पर एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जयंत सिन्हा का साथ दिया था.  फ़र्स्टपोस्ट को दिए एक्सक्लूज़िव इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री ने जयंत सिन्हा का बचाव करते हुए कहा कि लोगों को किसी से भी मिलने की आजादी संविधान से मिली हुई है.

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