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न्यूज़18-इप्सॉस एग्ज़िट पोल 2019 : हज़ारीबाग से दूसरी बार एकतरफा जीत जाएंगे जयंत सिन्हा?

BJP प्रत्याशी जयंत सिन्हा

BJP प्रत्याशी जयंत सिन्हा

लोकसभा चुनावों में वोटिंग का दौर समाप्त होने के बाद जो अनुमान सामने आ रहे हैं, उनके मुताबिक झारखंड की सबसे अहम हज़ारीबाग सीट पर किसके जीतने के आसार साफ हैं? पढ़ें अनुमान और पूरा गणित.

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हज़ारीबाग लोकसभा सीट झारखंड की सबसे अहम सीट है, जहां भाजपा के मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा अपनी सीट दोबारा बचाने की पूरी तैयारी में हैं. पिछले चुनाव में सौरभ नारायण सिंह के हारने के बाद कांग्रेस ने इस बार यहां से सिन्हा के खिलाफ गोपाल प्रसाद साहू को टिकट दिया है. मतदान संपन्न होने के बाद न्यूज़18-इप्सॉस के एग्ज़िट पोल पर आधारित अनुमान के मुताबिक मुकाबले में जयंत सिन्हा का पलड़ा भारी है और हजारीबाग सीट भाजपा के खाते में जाती हुई साफ नज़र आ रही है.


क्षेत्र का महत्वपूर्ण इतिहास

हजारीबाग की खूबसूरत वादियों में राजा राममोहन राय ने समाज सुधार का ताना-बाना बुना. यहां विनोबा भावे का भूदान आंदोलन सफल हुआ. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों ने हजारीबाग जेल को एक अभेद किले के रूप में तैयार किया था. जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में क्रांतिकारी न सिर्फ हजारीबाग जेल की ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गये बल्कि अंग्रेजों के भ्रम को भी तोड़ दिया. इस जेल से कई सामाजिक और राजनीतिक लड़ाइयां लड़ी गईं.


हवा का रुख देखकर हज़ारीबाग करता है वोट

हजारीबाग की सामाजिक संरचना विविधतापूर्ण है. यहां कुर्मी जाति की जनसंख्या सबसे ज्यादा है. अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के साथ पिछड़ी जाति के लोग भी यहां हैं. वहीं, राजपूत और कायस्थ जाति के लोगों की संख्या शहरी क्षेत्र में ज्यादा है. कहा जाता है कि यहां की राजनीति में जातीय नहीं, सामाजिक समीकरण हावी रहता है. काफी हद तक देश में जिस पार्टी की हवा रही, ज्यादातर मौकों पर हजारीबाग में उसकी ही जीत हुई. हजारीबाग लोगसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास को देखें, तो हाल के दिनों में यहां बीजेपी को ज्यादा सफलता मिली. अब तक यहां 16 बार हुए चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस को 6—6 बार सफलता मिली.




मुख्य मुद्दे हैं नक्सलवाद और कोयला तस्करी

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र हजारीबाग और रामगढ़ जिले के 5 विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर बनाया गया है. इसमें हजारीबाग, बरही, रामगढ़, मांडू और बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. 2014 में यहां से बीजेपी के जयंत सिन्हा जीते थे. जयंत सिन्हा को 4,06,931 वोट मिले थे. दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार सौरभ नारायण सिंह को 2,47,803 और तीसरे स्थान पर आजसू उम्मीदवार लोकनाथ महतो को 1,56,186 मत मिले थे. इस बार एनडीए और महागठबंधन के नेता जोर लगा चुके हैं. नक्सलवाद और कोयला तस्करी यहां के मुख्य मुद्दे हैं. हालांकि हाल के दिनों में नक्सलवाद पर काफी हद तक रोक लगी है.


किसी ने कहा काम नहीं हुआ, तो किसी ने कहा हुआ!

हजारीबाग के लोगों के आय का मुख्य साधन कोयला खनन है. यहां सीसीएल की कई खदानें चलती हैं. खनन वाले इलाके में विस्थापन एक बड़ी समस्या है. ज्यादातर लोगों की शिकायत है कि उन्हें सालों से मुआवज़ा नहीं मिला है. घने जंगल और खनन वाले इलाकों में नक्सलियों का असर दिखता है. अवैध खनन और कोयला तस्करी से नक्सलियों की अर्थव्यवस्था चलती है. हालांकि हाल के दिनों में इस पर काफी हद तक रोक लगी है. खदानों में काम करने वाले मजदूरों की शिकायत है कि जनप्रतिनिधि उनकी सुनते नहीं.


ग्रामीण इलाकों के लोगों का कहना है कि गरीबी मिटाने को लेकर कोई काम यहां नज़र नहीं आता. गरीब ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए यहां काम होना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ. मौजूदा सांसद ने कभी गरीबों की सुध नहीं ली. शहरी क्षेत्र के लोगों की शिकायत बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था, जाम और अतिक्रमण को लेकर है. लोगों का कहना है कि शहर में गाड़ियों के पार्किंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है. लेकिन युवा वोटर्स सांसद और केन्द्र सरकार के काम से संतुष्ट नज़र आए. हजारीबाग में मेडिकल कॉलेज खोले जाने के फैसले का युवाओं ने स्वागत किया. साथ ही, सरकार से आगे इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की भी मांग की.


ये है मौजूदा सांसद की संसद—कुंडली

हजारीबाग सीट पर बीजेपी की जीत होती रही है. मौजूदा सांसद जयंत सिन्हा के पिता यशवंत सिन्हा यहां से तीन बार लोकसभा का चुनाव जीते. हालांकि अब यशवंत सिन्हा बीजेपी छोड़ चुके हैं. ऐसे में बीजेपी के सामने चुनौती है. जयंत सिन्हा 2014 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए. वह मोदी सरकार में नागरिक उड्डयन राज्य मन्त्री हैं. इससे पहले वित्त राज्य मंत्री थे.


संसद में सिन्हा की उपस्थिति का औसत 97 प्रतिशत रहा. संसद में अपने कार्यकाल के दौरान इन्होंने मात्र 9 प्रश्न पूछे और 2 डिबेट्स में हिस्सा लिया. एक भी प्राइवेट मेम्बर बिल प्रस्तुत नहीं किया. सांसद निधि की 105 फीसदी राशि खर्च की. बीजेपी का दावा है कि सांसद जयंत सिन्हा ने हजारीबाग में शानदार काम किया. समाज के हर तबके के विकास पर ध्यान दिया है. हजारीबाग में कई विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट की शुरूआत की.


सिन्हा ने किया कायापलट : भाजपा

बीजेपी की मानें तो जयंत सिन्हा ने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा, कृषि, सड़क के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है. क्षेत्र को मेडिकल कॉलेज मिला. नगवा में एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है. हजारीबाग-बड़कागांव सड़क का निर्माण जारी है. हजारीबाग से लंबी दूरी की ट्रेन सेवा की शुरूआत हुई. गोरिया कर्मा में भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र का निर्माण हो रहा है. हजारीबाग-रामगढ़ ग्रामीण पाइपलाइन जलापूर्ति योजना की शुरुआत हुई. रामगढ़ में राज्य का पहला महिला इंजीनियरिंग कॉलेज बना.


झूठे हैं विपक्ष के दावे : विपक्ष

महागठबंधन के घटक दल बीजेपी के इन दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि विकास एक प्रक्रिया के तहत हुआ. इसमें सांसद का कोई योगदान नहीं है. वहीं सीपीआई का कहना है कि सांसद आधी-अधूरी योजनाओं का उद्घाटन कर विकास का श्रेय ले रहे हैं. जनता के बीच सांसद के कामकाज को लेकर मिलीजुली राय है. कुछ लोग जयंत सिन्हा के कार्यकाल के बेहतर बता रहे हैं, तो कुछ लोग क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं. गौरतलब है कि हजारीबाग सीट पर पांचवें चरण में 6 मई को वोट डाले गए.
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