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jdu and rjd government ready to provide 10 lakh jobs to youth of bihar this election promise is litmus test dpk

जदयू-राजद सरकार 10 लाख नौकरियां देने के लिए है तैयार? लिटमस टेस्ट होगा यह चुनावी वादा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (L), उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव. (File Photo)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (L), उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव. (File Photo)

जब नीतीश कुमार और राजद 2020 के चुनावों के दौरान आमने-सामने थे, तब मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरियों के वादे को 'अव्यावहारिक' करार दिया था और सवाल किया था कि इसके लिए वेतन कहां से आएगा. एक चुनावी रैली के दौरान नीतीश कुमार ने राजद पर कटाक्ष करते हुए कहा था, 'वेतन जेल से आएगा (जहां लालू प्रसाद को रखा गया था) या नकली नोट दिए जाएंगे?'

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नई दिल्लीः राष्ट्रीय जनता दल राजद (RJD) ने 2020 के विधानसभा चुनावों में 10 लाख नौकरियां देने का वादा कर बिहार के युवाओं को अपने पीछे लामबंद करने की कोशिश की थी. अब पार्टी के लिए नीतीश कुमार की जदयू (JDU)के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के बाद, इस वादे को पूरा करना एक बड़ी चुनौती होगी.

जब नीतीश कुमार और राजद 2020 के चुनावों के दौरान आमने-सामने थे, तब मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरियों के वादे को ‘अव्यावहारिक’ करार दिया था और सवाल किया था कि इसके लिए वेतन कहां से आएगा. एक चुनावी रैली के दौरान नीतीश कुमार ने राजद पर कटाक्ष करते हुए कहा था, ‘वेतन जेल से आएगा (जहां लालू प्रसाद को रखा गया था) या नकली नोट दिए जाएंगे?’

नीतीश कुमार ने तब बिहार के युवाओं को ऐसे ‘फर्जी वादों’ के झांसे में नहीं आने की नसीहत भी दी थी और कहा था कि इसमें ‘भ्रष्टाचार का खेल’ हो सकता है. हालांकि, तेजस्वी यादव ने युवाओं को अपना रेज्यूमे भेजने के लिए एक समर्पित वेबसाइट लाॅन्च की थी और राजद के सत्ता में आने पर सरकारी नौकरियों की उम्मीद में 10 लाख से अधिक बिहारी युवाओं ने इस वेबसाइट पर आवेदन भी किया था.

उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद एक टीवी इंटरव्यू में तेजस्वी यादव ने दावा किया कि नीतीश कुमार ने उनसे 10 लाख नौकरियों के मुद्दे पर बात की है और कहा कि मुख्यमंत्री इसके बारे में ‘गंभीर’ हैं. उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद एक टीवी इंटरव्यू में तेजस्वी यादव ने दावा किया कि नीतीश कुमार ने उनसे 10 लाख नौकरियों के मुद्दे पर बात की है और कहा कि मुख्यमंत्री इसके बारे में गंभीर हैं.

तेजस्वी ने कहा, ‘उन्होंने अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां देने का निर्देश दिया है. इसलिए अगर मेरे हाथ से नहीं तो यह मुख्यमंत्री के हाथों से हो सकता है और अगर ऐसा होता है तो मुझे और भी खुशी होगी. हमने 10 लाख नौकरियों का जो वादा किया था, उसे पूरा करेंगे. मैंने कहा था कि मैं जब सीएम बनूंगा…अभी मैं डिप्टी सीएम हूं. विश्वास मत पर वोटिंग हो जाने दीजिए. यह काम भी होगा.’ उन्होंने कहा कि बिहार में निवेश लाने के लिए भी काफी कुछ किया जाएगा-

बिहार में सरकारी नौकरियों का अंकगणित समझिए

सीएमआईई (Centre for Monitoring Indian Economy) के जुलाई 2022 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार बिहार में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत 7.7% के मुकाबले 18.8% के उच्च स्तर पर है. सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार, केवल राजस्थान (19.1%) जम्मू-कश्मीर (20.2%) और हरियाणा (26.9%) में बिहार से उच्च बेरोजगारी दर है. वर्ष 2021-22 में बिहार सरकार का वेतन बजट 27,237 करोड़ रुपये था और उसने पेंशन पर 21,817 करोड़ रुपये खर्च किया.

राजद का कहना है कि बिहार सरकार में लगभग 4.5 लाख रिक्तियां मौजूद हैं और उन्हें भर्ती परीक्षाओं के माध्यम से तुरंत भरा जाना चाहिए. जबकि वादे के मुताबिक बाकी 5.5 लाख रोजगार युवाओं के स्किल-सेट के आधार पर सृजित किए जा सकते हैं, जिन्होंने 2020 में राजद की वेबसाइट पर आवेदन किया था. पार्टी का कहना है कि राज्य में लगभग 7 करोड़ बेरोजगार युवा हैं और यही कारण है कि राज्य से नौकरियों के लिए सबसे ज्यादा पलायन होता है.

जदयू और राजद ने 2020 में बेरोजगारी के मुद्दे पर एक.दूसरे पर कटाक्ष किया था. जदयू ने कहा था कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल के पहले 15 वर्षों में राज्य में 6 लाख नौकरियां दी गई हैं. इसकी तुलना में राजद के 15 साल के शासन में केवल 34,000 नौकरियां दी गई थीं. दोनों पार्टियों के अब एक साथ सत्ता में होने के कारण, राजद द्वारा किए गए वादे के अनुसार 10 लाख नौकरियां देना, 2024 से पहले महागठबंधन सरकार का प्रमुख काम बन जाएगा.

Tags: Bihar Government, JDU nitish kumar, RJD leader Tejaswi Yadav

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