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झांसी की यह समिति भक्ति के साथ पर्यवारण का भी रखती है ख्याल

झांसी की यह समिति भक्ति के साथ पर्यवारण का भी रखती है ख्याल

कुंड

कुंड में विसर्जित होती दुर्गा प्रतिमा

पर्यावरण और आस्था को ध्यान में रखते हुए झांसी की बांधव दुर्गा पूजा समिति ने 7 वर्ष पहले एक अनोखा कदम उठाया था. इस समिति ने अपने प्रांगण में ही एक कुंड का निर्माण करवाया.मूर्ति को कुंड के द्वार पर लाने के बाद विसर्जित कर दिया जाता है.इस दौरान लगातार पुष्प वर्षा की जाती है और साथ ही मां दुर्गा के जयकारों से पूरा प्रांगण गुंजायमान रहता है. 

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    9 दिन के भव्य शारदीय नवरात्रि के आयोजन के बाद दसवां दिन विजयदशमी का होता है. इस दिन तमाम पंडालों में रखी गई दुर्गा मां की प्रतिमाओं को जल स्त्रोतों में विसर्जन करने की प्रथा आदि काल से चली आ रही है. समय के साथ पंडालों की संख्या बढ़ती गई और जल स्त्रोत घटते गए. आज आलम यह है कि झांसी के एक ही तालाब में लगभग 200 से अधिक मूर्तियों को विसर्जित किया जाता है.इससे पर्यावरण भी दूषित होता है और 9 दिन तक श्रद्धा और आस्था से की गई पूजा पूरी तरह फलीभूत भी नहीं हो पाती. पर्यावरण और आस्था को ध्यान में रखते हुए झांसी की बांधव दुर्गा पूजा समिति ने 7 वर्ष पहले एक अनोखा कदम उठाया था. इस समिति ने अपने प्रांगण में ही एक कुंड का निर्माण करवाया.जलकुंड कुछ इस प्रकार बनाया गया है कि जहां दुर्गा मां की प्रतिमा रखी जाती है उसके बिल्कुल सामने ही इस कुंड का द्वार खुलता है. समिति के अध्यक्ष प्रदीप मुखर्जी बताते हैं की लक्ष्मी तालाब में कई प्रतिमाएं आने की वजह से वहां गंदगी ज्यादा फैल जाती थी और जिस देवी को हमने पूरे 9 दिन श्रद्धा भाव से साफ सुथरी जगह पर रखा उन्हें ऐसे तालाब में विसर्जित करने को मन नहीं मान रहा था.उसके बाद समिति ने इस कुंड को बनाने का निर्णय लिया.

    पूरी झांसी बनती है इस पल की गवाह
    विजयदशमी के दिन सिंदूर खेला के बाद विसर्जन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाता है.सबसे पहले मां दुर्गा की प्रतिमा पर चढ़ाए गए तमाम आर्टिफिशियल और चांदी के गहने उतार दिए जाते हैं. इसके साथ ही अन्य फूल माला जैसी सामग्री भी हटाई जाती है.एक पुली की मदद से इस मूर्ति को उठाया जाता है.फिर धीरे धीरे मूर्ति को कुंड के द्वार पर लाने के बाद विसर्जित कर दिया जाता है.इस दौरान लगातार पुष्प वर्षा की जाती है और साथ ही मां दुर्गा के जयकारों से पूरा प्रांगण गुंजायमान रहता है. झांसी के जिलाधिकारी और कप्तान समेत कई गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर मौजूद रहते हैं.
    (रिपोर्ट – शाश्वत सिंह)

    Tags: Jhansi news

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