बड़ी घोषणा, बच्चों की जिम्मेदारी उठा रहे अकेले पुरुष अभिभावक को मिलेगी चाइल्ड केयर लीव

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह. (फाइल फोटो)
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह. (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Dr Jitendra Singh) ने कहा है-चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave) की सुविधा अभी सिर्फ ऐसे कर्मचारियों को ही मिलेगी जो सिंगल पैरेंट हैं यानी तलाकशुदा (divorcees), विधुर (widowers) और यहां तक कि अविवाहितों (unmarried) को भी.

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  • Last Updated: October 26, 2020, 10:03 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Dr Jitendra Singh) ने सोमवार को घोषणा की कि अब सिंगल मेल पैरेंट (single male parent) सरकारी कर्मचारी भी चाइल्ड केयर लीव की सुविधा उठा सकेंगे. उन्होंने कहा- चाइल्ड केयर लीव की सुविधा अभी सिर्फ ऐसे कर्मचारियों को ही मिलेगी जो सिंगल पैरेंट हैं यानी तलाकशुदा, विधुर और यहां तक कि अविवाहितों को भी. उन्होंने इस निर्णय को अभूतपूर्व और प्रगतिवादी सुधार बताते हुए कहा कि इससे सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सुविधा होगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से संबंधित आदेश कुछ समय पहले ही दे दिए गए थे लेकिन ये कुछ कारणों की वजह से सार्वजनिक तौर पर लोगों के बीच नहीं पहुंच पाया.

लीव ट्रैवल कन्सेशन का भी उठा सकेंगे लाभ
इस प्रावधान में और छूट देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि जो कर्मचारी मौजूदा समय में चाइल्ड केयर लीव पर जाना चाहते हैं उन्हें पहले से अप्रूवल दिया जा रहा है. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्मचारी चाइल्ड केयर लीव पर रहते हुए अगर चाहे तो  लीव ट्रैवल कन्सेशन का भी लाभ उठा सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि पहले साल में पूरी पेड लीव को चाइल्ड केयर लीव के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं दूसरे साल कुल पेड लीव का 80 प्रतिशत ही चाइल्ड केयर लीव के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा.

दिव्यांग बच्चे की देखभाल के लिए भी नया नियम
जितेंद्र सिंह ने एक और सुधार के बारे में बताते हुए कहा कि अब दिव्यांग बच्चे की देखभाल के लिए कोई सरकारी कर्मचारी कभी भी चाइल्ड केयर लीव ले सकता है. पहले इसके लिए बच्चे की अधिकतम उम्र सीमा 22 वर्ष तय की गई थी.



सुधारों को लेकर पीएम मोदी की व्यक्तिगत दिलचस्पी
जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि ऐसे सुधारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत दिलचस्पी दिखाई. और इसी वजह से कई निर्णय अलग हटकर लिए जा सके. उन्होंने कहा कि बीते 6 सालों दौरान सरकार ने कई सुधारवादी कदम उठाए हैं. इन सभी सुधारों का उद्देश्य यह है कि सरकारी कर्मचारी अपनी क्षमताओं का बेहतर प्रदर्शन कर सकें. साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि बीते सालों में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर सख्ती बरती गई है.
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