लाइव टीवी

राज्य झंडे पर रूख स्पष्ट करे मुफ्ती सरकार: जम्मू हाईकोर्ट

भाषा
Updated: June 16, 2015, 6:31 PM IST
राज्य झंडे पर रूख स्पष्ट करे मुफ्ती सरकार: जम्मू हाईकोर्ट
जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने राज्य के झंडे की गरिमा सही अथ्रों में अक्षुण्ण बनाये रखने के साथ ही सरकारी भवनों एवं सरकारी गाड़ियों पर उसे फहराने के बारे में अपना स्पष्ट रूख करने का निर्देश जम्मू कश्मीर सरकार को दिया है।

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने राज्य के झंडे की गरिमा सही अथ्रों में अक्षुण्ण बनाये रखने के साथ ही सरकारी भवनों एवं सरकारी गाड़ियों पर उसे फहराने के बारे में अपना स्पष्ट रूख करने का निर्देश जम्मू कश्मीर सरकार को दिया है।

  • Share this:
श्रीनगरजम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने राज्य के झंडे की गरिमा सही अथ्रों में अक्षुण्ण बनाये रखने के साथ ही सरकारी भवनों एवं सरकारी गाड़ियों पर उसे फहराने के बारे में अपना स्पष्ट रूख करने का निर्देश जम्मू कश्मीर सरकार को दिया है।

न्यायमूर्ति हसनैन मसूदी ने कल एक अंतरिम आदेश में कहा कि प्रतिवादियों को यह निर्देश दिया जाता है कि वे सुनिश्चित करें कि राज्य के झंडे की गरिमा बनाकर रखी जाए और जम्मू कश्मीर राजकीय सम्मान अपमान रोकथाम अधिनियम 1979 के प्रावधान सही मायनों में लगाए जाएं।

उच्च न्यायालय उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें सभी संवैधानिक प्राधिकारों को सभी सरकारी भवनों एवं वाहनों पर राज्य के झंड़े फहराने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

अदालत ने सरकार को उस परिपत्र को वापस लिए जाने पर स्पष्ट रूख सामने रखने कहा जिसमें सभी संवैधानिक प्राधिकारों को भवनों एवं सरकारी कारों पर राज्य का झंड़ा फहराने का आदेश दिया गया था।



न्यायमूर्ति मसूदी ने कहा कि प्रतिवादी को अगली सुनवाई तक स्पष्ट और निश्चित रूख के साथ सामने आने दीजिए। याचिकाकर्ता अब्दुल कय्यूम खान ने कहा था कि राज्य सरकार ने इस साल 12 मार्च को एक परिपत्र के माध्यम से प्राधिकारों से हर हाल में राज्य के झंडे की गरिमा बनाए रखने का निर्देश दिया था लेकिन अगले ही दिन उसे वापस ले लिया गया।

याचिका में कहा गया है कि परिपत्र को वापस लिया जाना जम्मू कश्मीर राजकीय सम्मान अपमान रोकथाम अधिनियम, 1979 का अपमान है, अतएव कानून के तहत दंडनीय है।

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 16, 2015, 6:30 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर