जम्मू कश्मीर में 16 अगस्त से खुलेंगे धार्मिक स्थल, वैष्णो देवी मंदिर में रोज दर्शन कर सकेंगे 5000 लोग

जम्मू कश्मीर में 16 अगस्त से खुलेंगे धार्मिक स्थल, वैष्णो देवी मंदिर में रोज दर्शन कर सकेंगे 5000 लोग
धार्मिक स्थल पर मूर्ति, विग्रह और पवित्र किताबों को छूना वर्जित होगा. (File Photo)

सरकारी आदेश में कहा गया कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के सभी जिलों में धार्मिक स्थल खोलने की मंजूरी दे दी गई है. हालांकि 60 साल से ज्यादा की आयु वाले, बीमार, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहने का ही सुझाव दिया गया है.

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  • Last Updated: August 11, 2020, 10:05 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू कश्मीर प्रशासन (Jammu Kashmir Authority) ने केंद्रशासित प्रदेश में धार्मिक स्थल खोले जाने के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी है. प्रशासन के आदेश के मुताबिक केंद्रशासित प्रदेश में 16 अगस्त से धार्मिक स्थल खोले जाने की अनुमति दी गई है. इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा जारी सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा. जम्मू कश्मीर प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक जिला मजिस्ट्रेट को सभी निर्देशों का भली भांति पालन कराना होगा. डीएम को कोविड-19 (Covid-19) की स्थिति के मुताबिक किसी भी धार्मिक स्थल को खोलने या बंद करने का पूरा अधिकार होगा.

प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि धार्मिक स्थलों का काम देख रहे संगठनों को कोरोना वायरस (Coronavirus) बचाव समिति बनाना अनिवार्य है जिसमें कि उनके वॉलंटियर्स, सेवादार और कर्मचारी हो सकते हैं. ये समितियां सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया को लागू कराना सुनिश्चित करेंगी. जिला मजिस्ट्रेट को 16 अगस्त 2020 को धार्मिक स्थल खोले जाने से पहले इसकी स्वीकृती देनी होगी.

इन लोगों के जाने पर रहेगी रोक
सरकारी आदेश में कहा गया कि जम्मू कश्मीर के सभी जिलों में लोगों के लिए धार्मिक स्थल खोलने की मंजूरी दी गई है. हालांकि 60 साल से ज्यादा की आयु वाले, पहले से बीमार, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम के बच्चों को घर में रहने का ही सुझाव दिया गया है. धार्मिक स्थलों की देख-रेख कर रहे संगठनों को इसका अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं.
सभी श्रद्धालुओं को ऐसी जगहों पर हर समय 6 फीट की दूरी का ख्याल रखना होगा. प्रवेश द्वार पर भी यह नियम लागू रहेगा. इसके साथ ही मास्क पहने हुए लोगों को ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा. मंदिर परिसर में सिर्फ बिना लक्षण वाले मरीजों को ही एंट्री दी जाएगी.



लोगों को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले अपने हाथ पैरों को साबुन से अच्छी तरह साफ करना होगा. इसके लिए जरूरत का सामान परिसर की देखरेख कर रहे संगठनों द्वारा मुहैया कराया जाएगा.

धार्मिक स्थलों पर इन कामों पर रहेगी रोक
धार्मिक स्थल पर मूर्ति, विग्रह और पवित्र किताबों को छूना वर्जित होगा. इसके साथ ही अगले आदेश तक परिसर में किसी भी तरह के धार्मिक आयोजनों की इजाजत नहीं होगी. सिर्फ अकेले ही प्रार्थना करने की इजाजत होगी. पवित्र पानी छिड़कने, प्रसाद आदि बांटने की भी इजाजत नहीं दी गई है.

परिसर को नियमित अंतराल पर सैनिटाइज करना होगा, इसका समय संगठनों को तय करना होगा. इसका ब्यौरा भी संबंधि धार्मिक स्थल प्रशासन को रखना होगा.

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श्रद्धालुओं को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने की इजाजत दी गई है. इसके साथ ही जूते चप्पलों को गाड़ी में ही उतारने का भी सुझाव दिया गया है. प्रार्थना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दरी या चटाई श्रद्धालुओं को अपने घर से लानी और वापस लेकर जानी होगी. सामुदायिक किचन, लंगर, भोजनालय में सामाजिक दूरी के नियम अपनाने पर ही इसे चालू रखने की इजाजत दी जाएगी.

फेस मास्क, ग्लव्स और श्रद्धालुओं द्वारा फेंके जाने वाले अन्य कचरे की सुव्यवस्था करना अनिवार्य है.

सभी धार्मिक स्थलों पर आने-जाने वाले लोगों की सूची तैयार की जाएगी जिसमें कि उनके संपर्क सूत्र की भी जानकारी हो.

इन स्थलों पर रखना होगा खास ख्याल
चरार-ए-शरीफ, हजरतबल, माता वैष्णोदेवी, नंगली साहब, शहादरा शरीफ, शिव खोड़ी आदि में जहां पूरे केंद्रशासित प्रदेश और देश के श्रद्धालु आते हैं वहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने होंगे. ये जगहें 16 अगस्त से खोली जाएंगी और यहां प्रदेश के बाहर के सीमित श्रद्धालुओं को ही आने की मंजूरी दी जाएगी. इन्हें श्रद्धालुओं को पंजीकृत करना होगा. सिर्फ रजिस्टर्ड लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी.

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वैष्णो देवी मंदिर के लिए
मां वैष्णो देवी जी मंदिर कटरा (Maa Vaishno Devi Ji Mandir, Katra) 30 सितंबर 2020 तक रोजाना ज्यादा से ज्यादा 5000 श्रद्धालुओं को जाने की ही छूट होगी. इसमें अन्य राज्यों के केवल 500 लोग ही होंगे. श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद की जाने की इजाजत होगी. जम्मू-कश्मीर के बाहर से आ रहे लोगों को निश्चित रूप से कोविड-19 एंटीजेन टेस्ट कराना होगा.
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