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जम्मू-कश्मीर सरकार ने शुरू किया 'सफाई' अभियान, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज

एक अधेड़ को पुलिस ने इतना पीटा कि उसने छुब्ध होकर खुदकुशी की कोशिश की.

एक अधेड़ को पुलिस ने इतना पीटा कि उसने छुब्ध होकर खुदकुशी की कोशिश की.

Jammu-Kashmir Update: खास बात है कि यह पहली बार है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उन लोगों की सूची तैयार की है, जो इस तरह की ...अधिक पढ़ें

    श्रीनगर. केंद्र शासित प्रदेश में पुलिस और प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है. इसके तहत उन पुलिसकर्मियों को टर्मिनेट किया जाएगा, जो भ्रष्टाचार (Corruption), विध्वंसक और आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं. खास बात है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu-Kashmir Police) ने इस संबंध में कर्मियों की एक सूची भी तैयार कर ली है, जिनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई संभव है.

    खास बात है कि यह पहली बार है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उन लोगों की सूची तैयार की है, जो इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं. खबर है कि सूची में 168 लोगों के नाम हैं. इनमें से 161 घाटी से हैं. जबकि, 6 लोग जम्मू से हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस के 168 जवानों में उन लोगों की जांच की जा रही है, जिनके तार तोड़फोड़ करने वालों से जुड़े हुए हैं.

    संदिग्ध 7 पुलिसकर्मियों में से 2-2 जम्मू, राजौरी और पुंछ जिले से हैं. वहीं, एक के तार किश्तवाड़ से जुड़े हुए हैं. सूची में दो इंस्पेक्टर रैंक, 11 सब-इंस्पेक्टर और 49 असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के नाम हैं. इनके अलावा सूची में शामिल अन्य लोग हेड कॉन्स्टेबल, सिलेक्शन ग्रेड कॉन्स्टेबल, कॉन्स्टेबल और फॉलोअर रैंक के हैं. दोषी पाए जाने पर इन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा.

    जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिलेगी अमेरिकी सिग सॉयर असॉल्ट राइफल और पिस्तौल
    जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को आतंकवाद रोधी अभियानों को अंजाम देने के लिए जल्द ही अमेरिकी सिग सॉयर असॉल्ट राइफल और पिस्तौल दी जाएगी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. सेना ने पाकिस्तान से लगी नियंत्रण रेखा (एलओसी) और चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रखवाली करने वाले अपने जवानों को पहले ही कई अत्याधुनिक राइफल दी हैं.

    उन्होंने बताया कि बल 500 सिग सॉयर-716 राइफल और 100 सिग सॉयर एमपीएक्स 9एमएम पिस्तौल खरीदेगा. जम्मू-कश्मीर पुलिस ऐसे आधुनिक हथियार हासिल करने वाली, शायद देश की पहली पुलिस होगी. सुरक्षा प्राप्त लोगों के लिए तैनात ‘स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप’ (एसओजी) और कर्मियों को इन हथियारों से लैस किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में सरकारी खरीद पोर्टल जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केट) पर, हथियारों की खरीद के लिए वैश्विक बोलियां आमंत्रित की थी.

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    पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इन्सास (इंडियन स्मॉल आर्म्स सिस्टम) राइफल्स के 5.56×45 मिमी इंटरमीडिएट कार्ट्रिज की तुलना में सिग सॉयर-716 असॉल्ट राइफल के 7.62×51 मिमी के काट्रिज अधिक शक्तिशाली हैं. बिना मैगजीन के 3.82 किलोग्राम की राइफल प्रति मिनट 650-850 गोलियां दाग सकती है और 500 मीटर की रेंज के कारण आतंकवाद रोधी अभियानों में एक प्रभावी हथियार साबित हो सकती है. इसके अलावा, राइफल किसी भी परिस्थिति में इस्तेमाल के लिए मजबूत, आधुनिक और सरल है.

    उन्होंने कहा कि इसी तरह बिना मैगजीन के, 2.94 किलोग्राम की एसआईजी एमपीएक्स 9एमएम पिस्तौल प्रति मिनट 850 गोलियां चला सकती हैं. दोनों हथियार गैस से चलने वाले हैं. भारत ने 2019 में, सिग सॉयर के साथ लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से 72,400 ‘असॉल्ट राइफल’ के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे. (भाषा इनपुट के साथ)

    Tags: Jammu kashmir

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