जम्मू-कश्मीर: मुठभेड़ में मारे गए 3 युवकों के रिश्तेदार होने का दावा कर रहे लोगों के DNA नमूने लेगी पुलिस

सेना ने 18 जुलाई को दावा किया था कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में तीन आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई. (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के शोपियां (Shopian) जिले में 18 जुलाई 2020 को हुई मुठभेड़ (Encounter) में तीन युवक मारे गए थे इनकी पहचान नहीं हो सकी थी इन्हें बाद में नियमों के तहत दफना दिया गया था. विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ परिवारों ने तीन सदस्यों के 17 जुलाई से लापता होने की शिकायत दर्ज कराई

  • Share this:
    श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के शोपियां (Shopian) जिले में पिछले महीने कथित फर्जी मुठभेड़ (Fake Encounter) में मारे गए तीन युवकों के रिश्तेदार होने का दावा कर रहे लोगों के डीएनए नमूने (DNA Samples) लेने के लिए कश्मीर (Kashmir) से पुलिस की एक टीम राजौरी (Rajauri) जिले भेजी गई है. कश्मीर जोन (Kashmir Zone) के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विजय कुमार ने एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने उप पुलिस अधीक्षक वजाहत के नेतृत्व में आज (गुरुवार) एक टीम राजौरी जिले में उन लोगों के डीएनए नमूने लेने के लिए भेजी है जो उनके (मारे गए युवकों के) रिश्तेदार होने का दावा कर रहे हैं.’’

    कुमार ने कहा कि डीएनए नमूने मिलान के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला भेजे जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में जांच के दो पहलू है. पहला, डीएनए का मिलान और दूसरा, यह जांच करना कि क्या काम के लिए कश्मीर आए इन युवकों का आतंकवादियों से तो कई संबंध नहीं था. हम उनके फोन कॉल और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच करेंगे.’’उल्लेखनीय है कि शोपियां के अम्शीपोरा (Amshipora) गांव में हुई मुठभेड़ की जांच सेना ने पहले ही शुरू कर दी है. सेना ने 18 जुलाई को दावा किया था कि दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) के शोपियां में तीन आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई.

    ये भी पढ़ें- VIDEO: पीओके में चीन के खिलाफ रैली, कहा- नीलम-झेलम बहने दो, हमें जिंदा रहने दो

    18 जुलाई को शोपियां में हुई थी मुठभेड़
    श्रीनगर में सेना के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि सेना ने 18 जुलाई 2020 को शोपियां में मुठभेड़ को लेकर सोशल मीडिया में चल रही बातों को संज्ञान में लिया है. कालिया ने बताया, ‘‘कार्रवाई के दौरान तीन आतंकवादी मारे गए थे और उनकी पहचान नहीं हो सकी थी जिसके बाद उनके शवों को नियमों के तहत दफना दिया गया. सेना मामले की जांच कर रही है.’’ इस मुठभेड़ को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है और राजनीतिक पार्टियों ने कथित मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय की मांग की है.

    ये भी पढ़ें- अब जम्मू-कश्मीर के लिए चीन से गुहार लगा रहा है PAK, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

    कुछ परिवारों ने थाने में दर्ज कराई थी लापता होने की शिकायत
    यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब कुछ परिवारों ने राजौरी जिले के पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनके परिवार के तीन सदस्य शोपिया के अम्शीपोरा से 17 जुलाई से लापता हैं जहां पर वे सेब और अखरोट के बागान में बतौर मजदूर काम करते थे.

    परिवारों ने संयुक्त रूप से शिकायत दर्ज कराई और तस्वीर दी और बताया कि 21 वर्षीय मोहम्मद इबरार, 18 वर्षीय इबरार अहमद और 26 वर्षीय इम्तियाज अहमद लापता हैं जिसके बाद यह जानकारी मामले की जांच के लिए कश्मीर पुलिस को सौंप दी गई.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.