J&K भेजी गई सुरक्षाबलों की 100 कंपनियां, यासीन मलिक और जमात के कई नेता हिरासत में

पिछले दिनों सरकार ने यासीन मलिक और कट्टरपंथी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने कुछ नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली थी.

News18Hindi
Updated: February 23, 2019, 9:57 PM IST
J&K भेजी गई सुरक्षाबलों की 100 कंपनियां, यासीन मलिक और जमात के कई नेता हिरासत में
गृह मंत्रालय ने अर्द्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को जम्मू-कश्मीर भेजा है.
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Updated: February 23, 2019, 9:57 PM IST
जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार देर रात लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक और जमात ए इस्लामी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है. यासीन मलिक को मायसूमा स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया है. पुलिस उन्हें पकड़कर कोठीबाग थाने ले गई. कहा जा रहा है कि अनुच्छेद 35-ए पर 26 फरवरी के आस-पास सुनवाई प्रस्तावित है. इसी वजह से एहतियातन उन्हें हिरासत में लिया गया है.

उधर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी लीडर महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर इस हिरासत का विरोध किया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'पिछले 24 घंटों में हुर्रियत नेताओं और जमात संगठनों के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. ऐसा मनमाना कदम समझ से परे है, जिससे राज्य में स्थितियां बस बिगड़ेंगी ही. किस कानूनी आधार पर इनकी हिरासत वैध है? आप किसी शख्स को गिरफ्तार कर सकते हो, उसके विचारों को नहीं.'

इस बीच घाटी में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. गृह मंत्रालय ने अर्द्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को जम्मू-कश्मीर भेजा है.  इसमें सीआरपीएफ की 35, बीएसएफ की 35, एसएसबी की 10 और आईटीबीपी की 10 कंपनियां शामिल है.



पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर भीषण आतंकवादी हमले के आठ दिन बाद ये कार्रवाई सामने आयी है. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे.
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पिछले दिनों सरकार ने यासीन मलिक और कट्टरपंथी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने कुछ नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली थी. बाद में मलिक ने कहा था कि उन्हें राज्य से कभी कोई सुरक्षा नहीं मिली. मलिक ने कहा था, 'मेरे पास पिछले 30 सालों से कोई सुरक्षा नहीं है. ऐसे में जब सुरक्षा मिली ही नहीं तो वे किस वापसी की बात कर रहे हैं. ये सरकार की तरफ से बिल्कुल बेईमानी है.' मलिक ने संबंधित सरकारी अधिसूचना को ‘झूठ' करार दिया. सरकार ने बुधवार को कहा था कि मलिक और गिलानी समेत 18 अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है.

बता दें कि पुलवामा हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नाराजगी झेल रहे पाकिस्तान में गहमागहमी बढ़ गई है. इसी के चलते पाकिस्तान ने आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई भी कर दी है. गुरुवार को हाफिज सईद के संगठनों को बैन करने के बाद शुक्रवार को पाकिस्तानी सरकार ने मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर नियंत्रण कर लिया. इसी बीच, पाकिस्‍तान सेनाध्‍यक्ष जनरल कमर बाजवा ने नियंत्रण रेखा के पास पोस्‍ट का दौरा किया.

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