जॉनसन एंड जॉनसन के कूल्हा प्रतिरोपण पीड़ितों ने सुनाई आपबीती

महाराष्ट्र के डोंबिवली के रहने वाले विजय वोझाला ने 2008 में कूल्हा प्रतिरोपण सर्जरी कराई और बाद में परेशानियां उभरने के बाद उन्हें 2012 में एक और सर्जरी करानी पड़ी.

भाषा
Updated: September 15, 2018, 11:08 PM IST
जॉनसन एंड जॉनसन के कूल्हा प्रतिरोपण पीड़ितों ने सुनाई आपबीती
जॉनसन एंड जॉनसन
भाषा
Updated: September 15, 2018, 11:08 PM IST
कबीर चंढोक ने बेहतर जीवन के लिए कूल्हा प्रतिरोपण सर्जरी कराई लेकिन कूल्हा बदलवाने के बाद उनकी जटिलताएं और बढ़ गईं. उनके जैसे कई लोग इस तरह के प्रतिरोपण के बाद परेशानियां झेल रहे हैं. 34 वर्षीय चंढोक की तरह ही कई लोग देश के अनेक अस्पतालों में फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के ‘दोषपूर्ण’ कूल्हा प्रतिरोपण के बाद परेशानियों का सामना कर रहे हैं.

नागपुर के कारोबारी लकी पाल ने बताया कि उनकी मां ने 2010 में यहां साकेत के एक निजी अस्पताल में दोनों कूल्हे बदलवाने के लिए सर्जरी कराई थी. उसके बाद से उनका चलना-फिरना बंद हो गया. वह बिस्तर पर रहने को मजबूर हो गईं. ऐसे कई लोगों ने एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी आपबीती सुनाई.

एक उच्चाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति ने अगस्त में स्वास्थ्य मंत्रालय को इस संबंध में रिपोर्ट दी थी. इसमें कहा गया कि डिपाई इंटरनेशनल लिमिटेड (जॉनसन एंड जॉनसन की सहयोगी कंपनी) द्वारा निर्मित एएसआर कूल्हा प्रतिरोपण दोषपूर्ण पाए गए जिसके कारण भारत समेत दुनियाभर में पुन: सर्जरी के कई मामले सामने आए.

रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि जॉनसन एंड जॉनसन को हर प्रभावित रोगी को कम से कम 20 लाख रुपये देने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए. महाराष्ट्र के डोंबिवली के रहने वाले विजय वोझाला ने 2008 में कूल्हा प्रतिरोपण सर्जरी कराई और बाद में परेशानियां उभरने के बाद उन्हें 2012 में एक और सर्जरी करानी पड़ी.

उन्हें 2012 में पता चला कि कंपनी ने उत्पाद को बाजार से वापस बुलाने का फैसला किया है.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर