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औरंगजेब के भाई ने कहा- 72 घंटे में लें बदला नहीं तो हम खुद हैं तैयार

औरंगजेब के भाई ने कहा- 72 घंटे में लें बदला नहीं तो हम खुद हैं तैयार

शहीद जवान औरंगजेब- फाइल फोटो

शहीद जवान औरंगजेब- फाइल फोटो

शहीद औरंगजेब के ताबूत को तिरंगे में लपेटा गया था. थलसेना के जवान और अधिकारी ताबूत को अपने कंधे पर रखकर नजदीक की एक सड़क से करीब आधे घंटे तक पहाड़ के घुमावदार रास्तों पर चलकर सलानी गांव तक पहुंचे.

    आतंकवादियों द्वारा अगवा किए जाने के बाद मार दिए गए औरंगजेब को पुंछ जिले के सलानी गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया. गमगीन माहौल के बावजूद जवान के परिवार में देश सेवा का हौसला बना हुआ है. औरंगजेब के पिता और जम्मू कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के पूर्व सिपाही मोहम्मद हनीफ ने कहा, ‘‘मेरे बेटे ने देश के लिए अपना प्राण न्यौछावर किया. वह बहादुर जवान था. मैं और मेरे बेटे भी देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने के लिए तैयार हैं.’’

    औरंगजेब के चार भाइयों में सबसे छोटे 15 वर्षीय आसिम अपने भाई की हत्या से टूटे नहीं हैं और वह अपने बड़े भाई की तरह ही सेना में शामिल होना चाहते हैं. औरंगजेब को जब अगवा किया गया उस वक्त आसिम उनसे फोन पर बात कर रहे थे. उन्‍होंने कहा, ‘मेरा भाई निजी गाड़ी से पुंछ आ रहा था. वह मुझसे बात कर रहे थे. मैंने गाड़ी रूकवाने की आवाज सुनी. मुझे लगा कि कुछ जांच हो रही है. मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि मेरे निहत्थे भाई को आतंकियों ने अगवा कर लिया है.’

    आसिम ने कहा, ‘मैं अपने भाइयों और पिता की तरह थलसेना में शामिल होना चाहता हूं.’ राष्ट्रीय राइफल्स के औरंगजेब ईद पर जब अपने घर आ रहे थे तो पुलवामा जिले में आतंकियों ने उनको अगवा कर लिया और उनकी हत्या कर दी.

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    आसिम ने कहा, ‘मैं अपने भाइयों और पिता की तरह सेना में शामिल होना चाहूंगा.’ सलानी ऐसा गांव है जहां भारतीय सशस्त्र बलों के सेवारत या सेवानिवृत्त सैनिकों की बड़ी तादाद है. शहीद औरंगजेब के ताबूत को तिरंगे में लपेटा गया था. थलसेना के जवान और अधिकारी रविवार शाम ताबूत को अपने कंधे पर रखकर नजदीक की एक सड़क से करीब आधे घंटे तक पहाड़ के घुमावदार रास्तों पर चलकर सलानी गांव तक पहुंचे.

    इससे पहले, औरंगजेब का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से सगरा हेलीपैड तक लाया गया था. औरंगजेब की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए वहीं हजारों लोगों ने गांव में उन्हें श्रद्धांजलि दी. सलानी गांव में मातम पसरा दिखा. गांव में कई लोगों ने मांग की कि थलसेना को औरंगजेब की हत्या का बदला लेना चाहिए.

    हनीफ ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री मोदी को मेरे बेटे की मौत का बदला लेने के लिए 72 घंटे का वक्त देता हूं, नहीं तो हम अपना बदला खुद लेने के लिए तैयार हैं. कश्मीर हमारा है. हम कश्मीर को जलता हुआ नहीं छोड़ेंगे. घाटी को बर्बाद करने वालों का हमें सफाया करना होगा.'

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    सोशल मीडिया पर एक वीडियो में भावुक हनीफ यह कहते दिख रहे हैं कि कश्मीर में पाकिस्तानी झंडा क्यों लहराया जा रहा है . वीडियो में हनीफ ने कहा है, ‘कश्मीर हमारा है. कश्मीर में पाकिस्तानी झंडा क्यों लहरा रहा है? भारतीय झंडा क्यों नहीं है? वहां पर भारतीय झंडा फहराना चाहिए.’

    उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार सेना को आतंकरोधी अभियान पर काम नहीं करने देती. अगर उन्हें काम करने की खुली छूट हो तो वे पत्थरबाजों और आतंकियों को सबक सिखा देंगे. लेकिन यह सरकार उन्हें इजाजत नहीं देती.’

    Tags: Indian army, Jammu and kashmir

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