रेप केस में पत्रकार तरुण तेजपाल को बड़ी राहत, 8 साल बाद गोवा के सेशन कोर्ट ने किया बरी

तेजपाल पर 2013 में गोवा एक होटल की लिफ्ट में महिला सहकर्मी का उत्पीड़न करने के आरोप हैं. (फाइल फोटो)

तहलका मैगजीन (Tehelka magazine) के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल (Tarun Tejpal) पर साल 2013 में गोवा के एक होटल की लिफ्ट में महिला साथी के साथ यौन उत्‍पीड़न करने का आरोप था.

  • Share this:
    गोवा. रेप केस (Rape Case) में पत्रकार तरुण तेजपाल (Tarun Tejpal) को गोवा के सेशन कोर्ट (Sessions Court) से बड़ी राहत मिली है. 8 साल बाद गोवा के सेशन कोर्ट से तरुण तेजपाल को बरी कर दिया गया है. तहलका मैगजीन के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल पर साल 2013 में गोवा के एक होटल की लिफ्ट में महिला साथी के साथ यौन उत्‍पीड़न करने का आरोप था.

    बता दें कि तहलका मैगजीन के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल पर सहकर्मी ने ही यौन शोषण का आरोप लगाया था. तरुण तेजपाल के खिलाफ गोवा पुलिस ने नवंबर 2013 में मामला दर्ज किया था. गोवा पुलिस की एफआईआर के बाद तरुण तेजपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था. तरुण तेजपाल मई 2014 से जमानत पर बाहर हैं. गोवा पुलिस ने फरवरी 2014 में उनके खिलाफ 2846 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी.

    इन धाराओं में चल रहा था मुकदमा
    तेजपाल भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (गलत तरीके से रोकने), 342 (रोककर रखना), 354 (गरिमा भंग करने की मंशा से प्रताड़ना), 354-ए (यौन उत्पीड़न), 354 बी (महिला पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 376 (2) (एफ) (ऊंचे पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा महिला के खिलाफ अपराध) और 376 (2) (के) (ऊंचे पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा बलात्कार) के तहत मुकदमे का सामना कर रहे हैं.

    इसे भी पढ़ें :- सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल से पूछा, अगर रेप के आरोप गलत थे तो सहकर्मी को क्‍यों लिखा माफीनामा

    महिला ने क्‍या लगाया था आरोप
    महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि गोवा में तहलका के एक इवेंट में वह गई थी. इवेंट की रात जब वह एक गेस्ट को उसके कमरे तक छोड़ कर वापस लौट रही थी, तभी होटल के ब्लॉक 7 की लिफ्ट के पास उसे तरुण तेजपाल मिल गए. तेजपाल ने गेस्ट को दोबारा जगाने की बात कह अचानक उसे वापस लिफ्ट के अंदर खींच लिया. इसके बाद उन्‍होंने लिफ्ट बीच में ही रोक दी और उनके साथ जो किया उसने तरुण तेजपाल को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.