BJP की नई टीम से राम माधव, मुरलीधर राव जैसे नेताओं की छुट्टी, नए चेहरों को इसलिए मौका

पहले से प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी निभा रहे सैयद शाहनवाज हुसैन, सुधांशु त्रिवेदी, संबित पात्रा, राजीव प्रताप रूडी, नलिन कोहली, ऑम वडक्कन और गोपाल कृष्ण अग्रवाल को बरकरार रखा गया है (फाइल फोटो)
पहले से प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी निभा रहे सैयद शाहनवाज हुसैन, सुधांशु त्रिवेदी, संबित पात्रा, राजीव प्रताप रूडी, नलिन कोहली, ऑम वडक्कन और गोपाल कृष्ण अग्रवाल को बरकरार रखा गया है (फाइल फोटो)

राम माधव (Ram Madhav) को भाजपा (BJP) में लाया गया था तब वह उसके मातृसंगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में थे. उन्होंने जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) और पूर्वोत्तर क्षेत्र अहम क्षेत्रों में राजनीतिक विषय पर अहम योगदान दिया.

  • भाषा
  • Last Updated: September 27, 2020, 12:22 AM IST
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पुनई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय पदाधिकारियों (National officials) की शनिवार को घोषित की गयी नयी टीम में नये चेहरों को जगह देने के लिए कई पार्टी नेताओं (Party Leaders) को उनके पदों से छुट्टी कर दी गई है. सूत्रों ने इसके पीछे की संभावित वजह खराब प्रदर्शन (Bad Performance), अधिकृत नहीं होने के बाद भी बयान देने, राजनीतिक संतुलन कायम करने की जरूरत, नये चेहरों को जिम्मेदारियां देना बताया है. पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) ने अपनी बहुप्रतीक्षित टीम का ऐलान कर दिया. लंबी मशक्कत के बाद तैयार की गई टीम से पूर्व मंत्री उमा भारती (Uma Bharti) की उपाध्यक्ष पद से तथा राम माधव (Ram Madhav), पी मुरलीधर राव, सरोज पांडे और अनिल जैन की महासचिव पद से छुट्टी कर दी गई है.

माधव को भाजपा (BJP) में लाया गया था तब वह उसके मातृसंगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में थे. उन्होंने जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) और पूर्वोत्तर क्षेत्र अहम क्षेत्रों में राजनीतिक विषय पर अहम योगदान दिया. सूत्रों का कहना है कि शायद आरएसएस अपने प्रचारक (pracharak) के लिए ‘किसी भिन्न’ भूमिका पर गौर रहा है क्योंकि शायद उनका हाईप्रोफाइल और विभिन्न विषयों पर मीडिया (media) को बयान देने की तत्परता पार्टी को रास नहीं आयी हो. माना जाता है कि वह उन विषयों पर भी बोल जाते थे जो उनके अधिकार क्षेत्र (domain) में नहीं थे.

राम माधव ने नवनियुक्त पार्टी पदाधिकारियों को बधाई दी
हालांकि मीडियो और थिंक टैंक समेत विभिन्न मंचों पर मोदी सरकार और पार्टी की नीतियों का माधव द्वारा बचाव को उनकी बड़ी ताकत के रूप में देखा जाता है. भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘‘जो नेता पद से हटाये गये हैं, उनके बारे में हमारे नेताओं के दिमाग में क्या है, इस संबंध मैं कोई अटकल नहीं लगाना चाहूंगा. लेकिन उनमें लोगों को चौंकाने का तरीका है. इसलिए किसी को किसी एक परिप्रेक्ष्य से इसे नहीं देखना चाहिए.’’ कभी मुखर हिंदुत्व वक्ता रहीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में उनके मंत्रिमंडल की सदस्य रहीं भारती लंबे समय से राजनीतिक रूप से सुर्खियों में गायब हैं. टीम से उनकी विदाई को आश्चर्य के रूप में देखा जा रहा है. माधव की तरह राव भी आरएसएस से जुड़े रहे हैं और यह देखना है कि हिंदुत्व संगठन उन्हें क्या कोई अन्य जिम्मेदारी देता है या नहीं.
माधव ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा के नवनियुक्त पार्टी पदाधिकारियों को बधाई. मुझे महासचिव के तौर पर सेवा का मौका देने के लिए पार्टी नेतृत्व के प्रति आभारी हूं.’’ राव ने भी नयी टीम को बधाई दी है. भाजपा नेतृत्व ने समय समय पर अधिक मुखर नेताओं के प्रति अपनी नाखुशी दिखायी है खासकर तब जब उनके बयान पार्टी के वैचारिक रूख से मेल नहीं खाते या पार्टी को ऐसे बयान असहज स्थिति में डाल देते हैं. सूत्रों के अनुसार एच राजा को भी शायद उनके बयान के लिए सचिव पद से हटाया गया है. इसी प्रकार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से उमा भारती, विनय सहस्रबुद्धे, प्रभात झा, ओम माथुर, श्याम जाजू, अविनाश राय खन्ना और रेणू देवी जैसे दिग्गजों की छुट्टी कर उनके स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया गया है.



पुराने अध्यक्षों को हटाकर नये चेहरों को दिया गया अवसर
नड्डा ने पार्टी के विभिन्न मोर्चों में भी व्यापक बदलाव करते हुए लगभग सभी पुराने अध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को अवसर दिया है. संगठन की दृष्टि से महत्पवूर्ण महासचिव के पद पर पांच नए चेहरों को नियुक्त किया गया है जबकि भूपेंद्र यादव, कैलाश विजयवर्गीय और अरूण सिंह को उनके पदों पर बरकरार रखा गया है. नए महासचिवों की सूची में हाल ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए दुष्यंत गौतम भी शामिल हैं. पुरानी टीम में वह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर थे. उनके अलावा नए महासचिवों में भाजपा महिला मोर्चा की प्रभारी डी पुरंदेश्वरी, कर्नाटक सरकार में मंत्री सी टी रवि, राष्ट्रीय सचिव तरूण चुग और असम से पार्टी के सांसद दिलीप सैकिया शामिल हैं. चुग पिछली टीम में राष्ट्रीय सचिव थे.

उपाध्यक्ष के पद पर भी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को छोड़कर लगभग सभी पुराने चेहरों को हटा दिया है और नए चेहरों को नियुक्त किया है. नए चेहरों में पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, रेखा वर्मा, अन्नपूर्णा देवी, भारती बेन शियाल, (तीनों सांसद), तेलंगाना भाजपा की नेता डी के अरुणा, नागालैंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एम चुबा एओ और केरल के पूर्व सांसद अब्दुल्ला कुट्टी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

तेजस्वी सूर्या को पार्टी के युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया
पार्टी के विभिन्न मोर्चों में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए तेजतर्रार सांसद व युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को पार्टी के युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है. वह पूनम महाजन की जगह लेंगे. इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर को वीरेंद्र सिंह मस्त की जगह किसान मोर्चा का अध्यक्ष, तेलंगाना भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डा. के. लक्ष्मण को दारा सिंह चौहान की जगह ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष, लाल सिंह आर्य को विनोद सोनकर की जगह अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष, समीर ओरांव को रामविचार नेताम की जगह अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है.

लंबे अरसे तक पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अब्दुल रशीद अंसारी की जगह जमाल सिद्दिकी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रवक्ताओं की सूची का विस्तार करते हुए 23 नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है. अनिल बलूनी को पार्टी का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है. साथ ही वी पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख के पद पर भी बने रहेंगे. प्रवक्ताओं की सूची से मीनाक्षी लेखी को बाहर कर दिया गया है. नए प्रवक्ताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर, सांसदों में अपराजिता सारंगी, हिना गावित, राजू बिष्ट और राजीव चंद्रशेखर शामिल हैं.

कई प्रवक्ताओं को बरकरार रखा गया
पहले से प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी निभा रहे सैयद शाहनवाज हुसैन, सुधांशु त्रिवेदी, संबित पात्रा, राजीव प्रताप रूडी, नलिन कोहली, ऑम वडक्कन और गोपाल कृष्ण अग्रवाल को बरकरार रखा गया है. नड्डा ने कुछ एक पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए सचिवों की पूरी टीम में भी व्यापक बदलाव किया है. हसन राजा, रमन डेका, सुधा यादव, आर पी सिंह, ज्योति धुर्वे, रजनीश कुमार, महेश गिरी, राहुल सिन्हा और तीरथ सिंह रावत की छुट्टी हो गई है.

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त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुनील देवधर और सत्या कुमार ही सचिव पद पर अपनी जगह बचाए रखने में कामयाब हुए हैं. नए सचिवों में विनो तावड़े,विनोद सोनकर, विश्वेश्वर टूडू, अरविंद मेनन, हरीश द्विवेदी, पंकजा मुंडे, ओमप्रकाश ध्रुवे, अनुपम हाजरा, नरेंद्र सिंह, विजया रहाटकर और अल्का गुर्जर शामिल हैं.
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