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असम में जेपी नड्डा का कांग्रेस पर निशाना, बोले- मानसिक-वैचारिक रूप से दिवालिया हो गई है पार्टी

जेपी नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी ने स्वीकार कर लिया है कि उनका जहाज डूब रहा है. फाइल फोटो

जेपी नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी ने स्वीकार कर लिया है कि उनका जहाज डूब रहा है. फाइल फोटो

JP Nadda in Assam: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी को असम का राजनीतिक पर्यटक करार देते हुए नड्डा ने कहा कि वे चुनाव के दौरान आते हैं और यात्रा का आनंद लेते हैं और फोटो खिंचवा कर लौट जाते हैं.

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बोको/ पताचारकुची /गुवाहाटी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने कांग्रेस पर अवसरवाद की राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि पार्टी सत्ता के लालच में मानसिक और वैचारिक रूप से दिवालिया हो गई है. तीन विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा को संबोधित करते हुए नड्डा ने दावा किया कि कांग्रेस ने सांप्रदायिक शक्तियों के साथ गठबंधन किया है और वाम दलों के साथ उसके रिश्ते राज्यवार बदलते रहते हैं.

बता दें कि असम की इन तीनों सीटों पर विधानसभा चुनाव के तीसरे एवं अंतिम चरण में मतदान होना है. नड्डा ने कहा, 'कांग्रेस मानसिक रूप से दिवालिया है. वह राजनीतिक अवसरवाद की नीति पर चलती है. भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं.'

सत्ता में आने के लिए सांप्रदायिक पार्टियों के साथ की साझेदारी
नड्डा ने कहा, ‘‘कांग्रेस वैचारिक रूप से दिवालिया है. यह देश की सबसे पुरानी पार्टी है और सत्ता में आने के लिए बिना किसी झिझक के उसने कुछ सांप्रदायिक पार्टियों के साथ साझेदारी की है.’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आदत भाजपा पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाने की है लेकिन वह खुद केरल में मुस्लिम लीग, पश्चिम बंगाल में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ है.
उल्लेखनीय है कि माकपा नीत वाम मोर्चे और कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में प्रभावशाली मुस्लिम उलेमा अब्बास सिद्दिकी द्वारा नवगठित आईएसएफ से हाथ मिलाया है.



नड्डा ने कहा, ‘‘कांग्रेस ही सांप्रदायिक है. उसके नेता अब चुनाव के दौरान मंदिर जा रहे हैं लेकिन पिछले 50 साल में नहीं गए.’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर पार्टी गंभीर होती और धार्मिक रीतिरिवाजों की राह पर चलती तो इतनी खराब स्थिति में नहीं पहुंचती जिसमें उसे ऐसी ताकतों से हाथ मिलाना पड़ता.’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनावी रैलियों में ‘चंडीपाठ’ कर रही हैं.

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस केरल में वाम दलों से लड़ रही है लेकिन पश्चिम बंगाल और असम में उनके साथ हाथ मिलाया है. नड्डा ने कहा, ‘‘यह किस तरह का चुनाव है? वे देश के एक हिस्से में कुश्ती लड़ रहे हैं और दूसरे हिस्से में एक दूसरे को गले लगा रहे हैं.’’ भाजपा प्रमुख ने कहा कि असम में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत तरुण गोगोई ने एक समय अजमल को खारिज कर दिया था, लेकिन अब पार्टी नेता राहुल गांधी कह रहे हैं कि वह असम की पहचान हैं और गोगोई के बेटे को उन्हें गले लगाने में कोई झिझक नहीं है.

गमछा का अमपान करने में नहीं झिझकते
गोगोई के बेटे गौरव गोगोई कांग्रेस के सांसद हैं. नड्डा ने कहा, ‘‘ क्या अजमल असम की पहचान हो सकते जब- वह असम के गौरव एवं परंपरा- गमछा का अपमान करने में नहीं झिझकते हैं.’ उल्लेखनीय है कि अजमल चुनावी रैली के दौरान एक व्यक्ति पर मंच से गमछा फेंकते हुए नजर आए थे. भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘असम की पहचान वैष्णव संत श्रीमंता संकरदेवा, वीर अहोम योद्धा लछित बोरफुकन और भारत रत्न गोपीनाथ बारदोलोई एवं भूपेन हजारिका से जुड़ी है और असम की जनता कभी उन लोगों को माफ नहीं करेगी जो उनकी संस्कृति और परंपरा का अपमान करते हैं.’’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी को असम का राजनीतिक पर्यटक करार देते हुए नड्डा ने कहा कि वे चुनाव के दौरान आते हैं और यात्रा का आनंद लेते हैं और फोटो खिंचवा कर लौट जाते हैं.  उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने हाल में अपनी तस्वीर पोस्ट (ट्विटर पर) की थी जिसकी पृष्ठभूमि में असम के चाय बागान थे लेकिन बाद में पता चला कि वे चाय बागान वास्तव में ताइवान और श्रीलंका के हैं. उनके पास असम के चाय बागान की तस्वीर तक नहीं है.’’

नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक सत्ता में रहने के दौरान असम के चाय बागान मजदूरों के लिए कुछ नहीं किया जबकि नरेंद्र मोदी सरकार उनके जीवन में सुधार एवं आधारभूत संरचना के लिए कई योजनाएं लेकर आई. उन्होंने कहा कि भाजपा असम की पहचान, परंपरा, संस्कृति और विभिन्न समुदायों की भाषा की रक्षा करने को प्रतिबद्ध है.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जिन्होंने बोडो समझौता कर राज्य में स्थायी शांति का रास्ता साफ किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस गत 50 साल में उग्रवाद की समस्या का समाधान करने में असफल रही और सुरक्षा कर्मियों सहित हजारों लोग मारे गए. नड्डा ने कहा, ‘‘यह मोदी जी की इच्छा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की योजना और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का क्रियान्वयन था जिससे राज्य शांति की ओर बढ़ा.’’
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