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लोकपाल सदस्य जस्टिस डीबी भोंसले ने दिया इस्तीफा: सरकार

भाषा
Updated: January 15, 2020, 2:12 PM IST
लोकपाल सदस्य जस्टिस डीबी भोंसले ने दिया इस्तीफा: सरकार
जस्टिस दिलीप बाबासाहेब भोंसले इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं

इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस भोंसले को लोकपाल अध्यक्ष जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष ने 27 मार्च 2019 को पद की शपथ दिलाई थी. लोकपाल सदस्य को पांच साल के कार्यकाल या फिर उसके 70 साल की उम्र का होने तक के लिए नियुक्त किया जाता है.

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नई दिल्ली. कार्मिक मंत्रालय (Ministry of Personnel) ने बताया कि जस्टिस दिलीप बाबासाहेब भोंसले (Dilip Babasaheb Bhosale) ने एंटी करप्शन यूनिट लोकपाल के सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया है. मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि भोंसले ने कार्यालय के सदस्य (न्यायिक) के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो कि 12 जनवरी 2020 से प्रभावी होगा.

न्यूज़ एजेंसी PTI के 9 जनवरी को उनके इस्तीफे की खबर देने के बाद भोंसले ने एक ट्वीट कर इस्तीफे की पुष्टि की थी. उन्होंने कहा, ‘लोकपाल के न्यायिक सदस्य पद से मैंने निजी कारणों के चलते छह जनवरी को इस्तीफा दे दिया, जो 12 जनवरी 2020 से प्रभावी होगा.’

इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस भोंसले को लोकपाल अध्यक्ष जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष ने 27 मार्च 2019 को पद की शपथ दिलाई थी. लोकपाल सदस्य को पांच साल के कार्यकाल या फिर उसके 70 साल की उम्र का होने तक के लिए नियुक्त किया जाता है.

स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से संबंध रखने वाले 63 वर्षीय भोंसले बॉम्बे हाईकोर्ट और कर्नाटक हाईकोर्ट में जज रह चुके हैं. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों के लिए हैदराबाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर भी उन्होंने 15 महीने (2015-2016) तक अपनी सेवाएं दीं.

नियमों के अनुसार, लोकपाल पैनल में एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्य होने का प्रावधान है. इनमें से चार का न्याय तंत्र से होना जरूरी है.

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First published: January 15, 2020, 2:12 PM IST
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