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न्‍यायपालिका दूसरों को उपदेश देती है पर उसे पहले अपना घर ठीक करना चाहिए: जस्टिस चेलामेश्‍वर

Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: June 23, 2018, 6:58 AM IST
न्‍यायपालिका दूसरों को उपदेश देती है पर उसे पहले अपना घर ठीक करना चाहिए: जस्टिस चेलामेश्‍वर
जज जे चेलामेश्‍वर

उनको लगता है कि जहां तक सुप्रीम कोर्ट में मामलों के बंटवारे की बात है तो एक संस्‍थान जो लोकतंत्र के सभी हिस्‍सों को उपदेश देता उसे पहले अपना घर ठीक करना चाहिए.

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सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए जज जे चेलामेश्‍वर का कहना है कि देश की सबसे बड़ी अदालत में मामलों का बंटवारा तर्कसंगत रूप से होना चाहिए और संवैधानिक पीठ बनाने के लिए निश्चित प्रकिया होनी चाहिए. उनको लगता है कि जहां तक सुप्रीम कोर्ट में मामलों के बंटवारे की बात है तो एक संस्‍थान जो लोकतंत्र के सभी हिस्‍सों को उपदेश देता उसे पहले अपना घर ठीक करना चाहिए. बकौल चेलामेश्वर, 'प्रकिया तर्कसंगत होनी चाहिए. किस आधार पर मामलों का बंटवारा होता है? क्‍या यह पूरी तरह से लॉटरी पर आधारित है? या कोई तार्किक तरीका है जिसके अनुसार मामले बांटे जाते हैं? कोई तो प्रकिया होनी चाहिए.'

उन्‍होंने माना कि हाल ही में कोर्ट की वेबसाइट पर जारी किया गया रोस्‍टर आधा-अधूरा दस्‍तावेज है क्‍योंकि यह नहीं बताता कि संवैधानिक पीठ का गठन किस तरह से होता है. जस्टिस चेलामेश्‍वर ने इस बात को स्‍वीकार किया कि कुछ जज तो एक दर्जन संवैधानिक पीठ की सुनवाइयों में शामिल हैं जबकि कुछ जजों को अभी तक किसी संवैधानिक पीठ में जगह ही नहीं मिली है. 'मास्‍टर ऑफ रोस्‍टर' के सिद्धांत के बारे में उन्‍होंने कहा कि वह कभी भी इसके खिलाफ नहीं थे लेकिन जिस तरीके से इसे काम में लिया जा रहा है वह समस्‍या प्रेस कांफ्रेंस में उठाई गई थी.

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चेलामेश्‍वर ने कहा, 'हो सकता है कि किसी एक घटना और समय में इस सिद्धांत ने संस्‍थान की अखंडता और विश्‍वसनीयता को नुकसान पहुंचाया हो. लेकिन इस सिद्धांत पर कभी सवाल नहीं उठाया गया. किसी ने इस पर ऐतराज नहीं किया कि चीफ जस्टिस मास्‍टर ऑफ रोस्‍टर हैं. किसी को तो संस्‍थान का ठीक करना होगा.'


इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्‍या वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा अपनी ताकत का इस्‍तेमाल कर रहे थे इसके चलते चार वरिष्‍ठ जजों ने सवाल उठाया. इस पर थोड़ी देर रूककर उन्‍होंने जवाब दिया, 'मैं किसी व्‍यक्ति विशेष के मामलों में नहीं जाना चाहता. मैंने व्‍यवस्‍था से जुड़े बड़े सवालों को उठाया. इस तरह से व्‍यक्ति विशेष महत्‍व नहीं रखते. मैं रिटायर हो चुका हूं. प्रेस कांफ्रेस में बैठने वाले मेरे तीनों साथी भी आज या कल रिटायर हो जाएंगे. इसी तरह से चीफ जस्टिस का कार्यकाल भी पूरा हो जाएगा. यहां कोई स्‍थायी थोड़े ही है. सवाल व्‍यवस्‍था का है. जिसके बारे में हम उस दिन बात कर रहे थे.'

बता दें कि 12 जनवरी को ऐतिहासिक प्रेस कांफ्रेंस में जस्टिस चेलामेश्‍वर, रंजन गोगोई,मदन बी लोकुर और कुरियन जोसेफ ने महत्‍वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों के बंटवारे पर सवाल उठाए थे. इसके बाद चीफ जस्टिस ने पहली बार रोस्‍टर को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर डाला था.

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First published: June 22, 2018, 11:59 PM IST
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