बटला हाउस से भागकर आतंकी ने नेपाल में रचाई शादी, बन गया टीचर: पुलिस

आरिज खान उर्फ जुनैद इंडियन मुजाहिद्दीन के मोस्ट वांटेड आतंकियों मे से एक था.

बटला हाउस से फरार होने के बाद जुनैद एक महीने तक देश के अलग-अलग शहरों में भटकता रहा. उसके बाद वह नेपाल चला गया और एक स्कूल में पढ़ाने लगा. वहां उसने एक नेपाली युवती से शादी भी कर ली.

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    19 अगस्त 2008 को इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा ने जब अपनी टीम के साथ जामिया नगर के फ्लैट नंबर एल-18 का दरवाजा खोला तो अंदर से अंधाधुंध गोलियां बरसनी शुरू हो गईं. शर्मा इस गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन वे उनके साथियों - आतिफ अमीन और महोम्मद साजिद को मार गिराने में सफल रहे.

    घटना के वक्त उस घर में तीन और लोग थे. इनमें से एक ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया. वहीं दो लोग भागने में सफल हो गए. यह बाटला हाउस एनकाउंटर की कहानी है जो कि अब तक विवादों में बनी हुई है.

    घर में मौजूद दो लोगों की मौत के बाद मोहम्मद सैफ ने खुद को बाथरूम में बंध कर लिया और बाद में समर्पण कर दिया. दो अन्य- शहजाद अहमद और आरिज खान उर्फ जुनैद वहां से भाग गए. शहज़ाद साल 2010 में आज़मगढ़ से गिरफ्तार किया गया. उसे बाद में दिल्ली की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

    जुनैद को बुधवार को नेपाल से गिरफ्तार किया गया और इसी के साथ ही बाटला हाउस एनकाउंटर की आखिरी कड़ी भी पुलिस के हाथ लग गई.

    बटला हाउस से फरार होने के बाद एक महीने तक जुनैद और शहजाद देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमते रहे. ज्यादातर रातें उन्होंने ट्रेनों और बसों में बिताईं. दिल्ली पुलिस का दावा है कि वे दिल्ली, यूपी, राजस्थान और महाराष्ट्र में अपने रिश्तेदारों के घर मदद के लिए गए लेकिन पुलिस के डर से कोई भी लंबे समय तक उन्हें साथ रखने के लिए तैयार नहीं हुआ.

    एक महीने बाद दोनों ने अपने रास्ते बदल लिए. जुनैद बिहार चला गया और वहां से बॉर्डर क्रॉस कर नेपाल के बिराट नगर चला गया. निजाम खान की मदद से उसे मोहम्मद सलीम नाम से नेपाल की नागरिकता और पासपोर्ट मिल गया.

    वह नेपाल के पाल्पा, कपिलावस्तु और गोरखा इलाकों में रहा. वहां रहते हुए शुरुआत में वह एक रेस्टॉरेंट चलाने लगा, लेकिन बाद में अलग-अलग स्कूल में पढ़ाने लगा. इस दौरान वह सिमी के तौकीर से संपर्क में बना रहा. तौकीर पिछले महीने गिरफ्तार हुआ है. तौकीर और जुनैद एक ही स्कूल में पढ़ाते थे, तौकीर की गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस को जुनैद तक पहुंचने का रास्ता मिला.

    स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह के मुताबिक जुनैद देश के अलग-अलग शहरों में हुए कई धमाकों में शामिल रहा है. इन धमाकों में कुल 165 लोगों की मौत हुई थी और 535 लोग घायल हुए हैं.

    सूत्रों के मुताबिक जुनैद ने इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा पर गोली चलाने की बात स्वीकार की है, हालांकि उसे नहीं पता कि इंस्पेक्टर की मौत जुनैद की गोली से हुई या किसी और की.

    जुनैद इंडियन मजदाहिद्दीन के आजमगढ़ मॉड्यूल का कुशल बम मेकर है. कई सालों तक आतंकी गतिविधियों से दूर रहने के बाद जुनैद और तौकीर वापसी की तैयारी कर रहे थे. जुनैद ने एक नेपाली युवती से शादी भी की है.

    नेपाल में रहते हुए जुनैद कुख्यात भटकल बंधुओं में से एक रियाज भटकल के संपर्क में भी था. भटकल ने उसे सऊदी अरब के दम्मम बुलाया था, ताकि दोनों मिलकर भारत में आईएम को रिवाइव करने के लिए फंड इकट्ठा कर सकें. वह सितंबर 2014 में सऊदी अरब गया और वहां मजदूर के रूप में रहने लगा. मिली जानकारी के मुताबिक वह वहां सिमी और आईएम के कई समर्थकों से मिला.

    मार्च 2017 में वापसी के बाद वह भारत आने लगा. उसका मकसद भारत में आईएम को रिवाइव करने का था. लेकिन इससे पहले कि वह अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

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