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जस्टिस बोबडे हो सकते हैं अगले मुख्य न्यायाधीश, CJI रंजन गोगोई ने की सिफारिश

News18Hindi
Updated: October 18, 2019, 12:30 PM IST
जस्टिस बोबडे हो सकते हैं अगले मुख्य न्यायाधीश, CJI रंजन गोगोई ने की सिफारिश
CJI रंजन गोगोई के बाद जस्टिस बोबडे होंगे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

CJI जिस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) ने केंद्र सरकार को अगले चीफ जस्टिस के लिए पत्र लिखा है. बतौर मुख्य न्यायाधीश बोबडे 18 नवंबर को शपथ ग्रहण करेंगे.

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  • Last Updated: October 18, 2019, 12:30 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के अगले चीफ जस्टिस (Chief Justice) के लिए जस्टिस शरद अरविंद बोबडे (Justice Bobde) के नाम की सिफारिश की गई है. सीजेआई जिस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) ने केंद्र सरकार को अगले चीफ जस्टिस के लिए पत्र लिखा है. अगर उनपर सहमति बन गई, तो बतौर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे 18 नवंबर को शपथ ग्रहण करेंगे. जस्टिस बोबडे 47 वें मुख्य न्यायाधीश होंगे. जस्टिस बोबडे 23 अप्रैल 2021 तक मुख्य न्यायाधीश रहेंगे.

24 अप्रैल, 1956 को नागपुर में जन्में बोबडे सुप्रीम कोर्ट के जज हैं और साथ ही वो महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, मुंबई और महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नागपुर के चांसलर भी हैं. शरद अरविंद बोबडे ने नागपुर विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी डिग्री ली है. शरद अरविंद बोबडे अपर न्यायाधीश के रूप में 29 मार्च 2000 को बॉम्बे हाई कोर्ट की खंडपीठ का हिस्सा बने. 16 अक्टूबर' 2012 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. 12 अप्रैल' 2013 को भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया. जस्टिस बोबडे 23 अप्रैल, 2021 तक मुख्य न्यायाधीश रहेंगे.

इन फैसलों में रहे शामिल
सुप्रीम कोर्ट की ओर से आधार कार्ड को लेकर दिए गए आदेश में जस्टिस एसए बोबडे भी शामिल थे. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि आधार कार्ड के बिना कोई भी भारतीय मूल सुविधाओं से वंचित नहीं रह सकता है. सुप्रीम कोर्ट के इस पैनल में जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस चेलमेश्वर और जस्टिस नागप्पन शामिल थे.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ जो यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था. उसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के ही जजों को सौंपी गई थी. इस पीठ में जस्टिस एसए बोबडे, एनवी रमन और इंदिरा बनर्जी शामिल थीं. इसी के साथ नवंबर 2016 में तीन बच्चों के द्वारा याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था. इस फैसले में जस्टिस एसए बोबडे भी शामिल थे. इस पीठ में तत्कालीन चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर, जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस. ऐ बोबडे शामिल थे.


अयोध्या मामले की सुनवाई वाली बेंच के भी सदस्य
पिछले चालीस दिनों तक चली रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की रोजाना सुनवाई कर रही पांच जजों की पीठ में जस्टिस एसए बोबडे भी शामिल थे. पांच जजों की बेंच में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस नज़ीर शामिल हैं. इस ऐतिहासिक मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा जा चुका है. उम्मीद जताई गई है कि 4 से 17 नवंबर के बीच इस मामले में फैसला आ सकता है.
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First published: October 18, 2019, 10:47 AM IST
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