गलत आचरण को लेकर जेल जा चुके जस्टिस कर्णन ने बनाई पार्टी, लड़ेंगे 2019 का चुनाव

जस्टिस कर्णन ने कहा कि 'मेरी पार्टी 2019 में आगामी लोकसभा चुनावों में हिस्सा लेगी. हम सीटों की संख्या पर फैसला करेंगे लेकिन केवल महिला उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए नामित किया जाएगा.

News18Hindi
Updated: May 17, 2018, 7:54 AM IST
गलत आचरण को लेकर जेल जा चुके जस्टिस कर्णन ने बनाई पार्टी, लड़ेंगे 2019 का चुनाव
जस्टिस कर्णन ने कहा कि 'मेरी पार्टी 2019 में आगामी लोकसभा चुनावों में हिस्सा लेगी. हम सीटों की संख्या पर फैसला करेंगे लेकिन केवल महिला उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए नामित किया जाएगा.
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Updated: May 17, 2018, 7:54 AM IST
कोलकाता हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सी.एस. कर्णन ने राजनीतिक पार्टी शुरू करने की घोषणा की है. इस पार्टी का नाम 'एंटी-करप्शन डायनमिक पार्टी' रखा गया है. जस्टिस कर्णन ने पार्टी का ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अगले साल वाराणसी से लेकर पूरे देश में चुनाव लड़ेगी.

उन्होंने कहा कि 'मेरी पार्टी 2019 में आगामी लोकसभा चुनावों में हिस्सा लेगी. हम सीटों की संख्या पर फैसला करेंगे लेकिन केवल महिला उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए नामित किया जाएगा.' कर्णन ने कहा कि हम अपनी पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह देश से भ्रष्टाचार को हटाना चाहते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 9 मई को जस्टिस कर्णन को छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी. उस समय वे कलकत्ता हाईकोर्ट में जज थे. उन्हें 20 जून को कोयंबटूर से पश्चिम बंगाल की सीआईडी ​​ने गिरफ्तार किया था. वह 12 जून को एक भगोड़े के रूप में सेवानिवृत्त होने वाले हाईकोर्ट के पहले जज थे. कर्णन ने कहा कि उनकी पार्टी ने अनुरोध किया है कि 2019 में वह वाराणसी से चुनाव लड़ें, लेकिन वे वहां से चुनाव नहीं लड़ना चाहते. उन्होंने कहा कि वहां से भी महिला उम्मीदवार को ही मैदान में उतारा जाना चाहिए.

इससे पहले, सम्मेलन को संबोधित करते हुए कर्णन ने कहा कि पूरे देश में दलितों, मुसलमानों, ईसाइयों, सिखों और पारसियों जैसे अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए जा रहे हैं. उन्होंने अल्पसंख्यकों और दलितों के हितों की रक्षा के लिए ऊंची जाति के लोगों से आग्रह किया. उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र सरकार को अल्पसंख्यकों और दलितों के हितों की रक्षा करनी चाहिए. उन्होंने निर्दोष सामाजिक कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की भी मांग की.
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