बार एसोसिएशन के फेयरवेल में नहीं जाएंगे जस्टिस अरुण मिश्रा, कहा-विवेक अनुमति नहीं देता

बार एसोसिएशन के फेयरवेल में नहीं जाएंगे जस्टिस अरुण मिश्रा, कहा-विवेक अनुमति नहीं देता
जस्टिस अरुण मिश्रा 2 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं.

जस्टिस अरुण मिश्रा (Justice Arun Mishra) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौर में फेयरवेल कार्यक्रम में शरीक होने के लिए उनका विवेक अनुमति नहीं देता. स्टिस मिश्रा आगामी 2 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2020, 10:15 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जस्टिस अरुण मिश्रा (Justice Arun Mishra) बार एसोसिएशन (Bar Association) के फेयरवेल (Farewell) कार्यक्रम में नहीं शरीक होंगे. जस्टिस मिश्रा आगामी 2 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने एक स्टेटमेंट के जरिए कहा है कि वह बार एसोसिएशन के आमंत्रण के आभारी हैं लेकिन कार्यक्रम में शरीक नहीं हो सकेंगे. उन्होंने कहा है कि कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के दौर में फेयरवेल कार्यक्रम में शरीक होने के लिए उनका विवेक अनुमति नहीं देता.

उन्होंने लिखा है-मैंने हमेशा बार एसोसिएशन को न्यायपालिका की मां (Mother Of Judiciary) के तौर पर देखा है. और इसके कार्यक्रम में शरीक होना खुशकिस्मती है. लेकिन कोविड-19 महामारी की गंभीरता को देखते हुए मेरा विवेक कार्यक्रम में शरीक होने की इजाजत नहीं देता. इस वजह से मुझे क्षमा किया जाए. जस्टिस मिश्रा ने यह भी कहा है कि जैसे ही वक्त सामान्य होगा वह बार जरूर जाएंगे और अपना सम्मान प्रदर्शित करेंगे.


कलकत्ता हाईकोर्ट के रह चुके हैं चीफ जस्टिस
गौरतलब है कि जस्टिस अरुण मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण निर्णयों का हिस्सा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की अवमानना मामले की सुनवाई करने वाली पीठ का भी जस्टिस अरुण मिश्रा हिस्सा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट से पहले वो कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं. उनके पिता हरगोविंद मिश्रा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज थे. 1978 से 1999 तक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में प्रैक्टिस करने के बाद अरुण मिश्रा जज बने थे.
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