अयोध्या मामले पर गठित बेंच में दो नए जज शामिल, 29 जनवरी को होगी सुनवाई

अयोध्या मामले पर सुनवाई के लिए इस साल आठ जनवरी को गठित पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ में जस्टिस भूषण और जस्टिस नजीर शामिल नहीं थे.

भाषा
Updated: January 26, 2019, 8:23 AM IST
अयोध्या मामले पर गठित बेंच में दो नए जज शामिल, 29 जनवरी को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की फाइल फोटो
भाषा
Updated: January 26, 2019, 8:23 AM IST
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अयोध्या मामले में सुनवाई के लिए बेंच का पुनर्गठन करते हुए उसमें दो नए जजों को शामिल किया है. ये दोनों जज जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नज़ीर हैं. ये दोनों राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर सुनवाई के लिए पूर्व में गठित तीन सदस्यीय पीठ का हिस्सा थे.

जस्टिस भूषण और जस्टिस नजीर सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली उस तीन सदस्यीय पीठ का हिस्सा थे, जिसने 27 सितंबर 2018 को 2:1 के बहुमत से सुप्रीम कोर्ट के 1994 के एक फैसले में की गई एक टिप्पणी को पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास पुनर्विचार के लिए भेजने से मना कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने 1994 के अपने फैसले में कहा था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है. यह मामला अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सुनवाई के दौरान उठा था. जस्टिस नजीर ने बहुमत के फैसले से अलग राय जताई थी.



ये भी पढ़ेंः अयोध्या मामला: हिंदुओं ने किया 1994 के फैसले पर पुनर्विचार की मांग का विरोध


इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 अपील दायर हैं. चार दीवानी मुकदमों पर सुनाए गए अपने फैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2.77 एकड़ जमीन को तीन पक्षों--सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था.

अयोध्या मामले पर सुनवाई के लिए इस साल आठ जनवरी को गठित पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ में जस्टिस भूषण और जस्टिस नजीर शामिल नहीं थे. पीठ का पुनर्गठन इसलिए किया गया क्योंकि मूल पीठ के सदस्य जस्टिस यूयू ललित ने 10 जनवरी को मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था. उन्होंने मामले की सुनवाई में आगे हिस्सा लेने से मना कर दिया था क्योंकि वह 1997 में एक संबंधित मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की तरफ से एक वकील के तौर पर पेश हुए थे.

नयी पीठ की घोषणा शुक्रवार को की गई जिसमें चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं.
Loading...

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...