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केरल निकाय चुनाव: बीजेपी उम्मीदवार ज्‍योति कुंडू की खास है कहानी, बस हादसे में गंवाया हाथ और पाया प्यार

केरल में होने जा रहे हैं निकाय चुनाव. (File pic)
केरल में होने जा रहे हैं निकाय चुनाव. (File pic)

केरल के पलक्‍कड़ जिले के कलनगोड ब्‍लॉक पंचायत से बीजेपी उम्मीदवार ज्‍योति कुंडू (Jyoti Kundu) 11 साल पहले छत्‍तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक बस हादसे में अपना एक हाथ गवां चुकी हैं. उसी बस में मिले सीआईएसएफ कर्मी से उन्‍होंने शादी की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 6, 2020, 10:54 AM IST
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नई दिल्‍ली. केरल (Kerala) में 10 दिसंबर को स्‍थानीय निकाय चुनाव (Kerala election) होने हैं. इन चुनावों में बीजेपी (BJP) भी अपने उम्‍मीदवार उतार चुकी है. इन उम्‍मीदवारों में ज्‍योति कुंडू (Jyoti Kundu) कुछ खास हैं. उन्‍हें बीजेपी ने केरल के पलक्‍कड़ जिले के कलनगोड ब्‍लॉक पंचायत से मैदान में उतारा है. ज्‍योति कुंडू की अगर पुरानी जिंदगी को देखें को उनका जीवन कुछ खास है. दरअसल 11 साल पहले छत्‍तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक बस हादसे में वह अपना एक हाथ गवां चुकी हैं. उसी बस में मिले सीआईएसएफ कर्मी से उन्‍होंने शादी की है.

ज्‍योति कुंडू के साथ जब यह हादसा हुआ था तब उनका सपना नर्स बनकर लोगों की मदद करना था. वह नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थीं. वह दंतेवाड़ा के बछेली की रहने वाली हैं. उनके दो बच्‍चे हैं. वह मलयालम भी बोल लेती हैं. उनके अनुसार 3 जनवरी 2010 को हादसे के बाद उनका नर्सिंग का सपना टूट गया था, लेकिन अब अगर वह चुनाव में चुनी जाती हैं तो वह मानती हैं कि वो सपना नए तरीके से पूरा होगा.

हादसे के दिन ज्‍योति बस से अपने कॉलेज हॉस्‍टल से कही जा रही थीं. उसकी बस में सीआईएसएफ कर्मी पीवी विकास अपने कैंप जा रहे थे. रास्‍ते में ज्‍योति ने देखा कि सामने से एक तेज रफ्तार ट्रक बस में टक्‍कर मारने के लिए बढ़ रहा था. उस समय विकास हल्‍की नींद में थे. ज्‍योति ने विकास को सही समय पर जगाकर उनकी जान बचाई लेकिन इस बीच उनका सीधा हाथ बस और ट्रक के बीच में आकर चोट खा गया. उन्‍हें रायपुर में बड़े अस्‍पताल ले जाया गया. वहां कंधे से नीचे का उनका हाथ काटना पड़ा.



ज्‍योति ने बताया, 'विकास ने मुझे अस्‍पताल पहुंचाया, मेरे पूरे इलाज के दौरान वह मेरे साथ रहे. उन्‍होंने अस्‍पताल के बिल भी दिए.' इस समय कोयंबटूर एयरपोर्ट में तैनात विकास का कहना है कि वह शुरुआत में नहीं जानते थे कि उन्‍हें बचाने के दौरान ज्‍योति का हाथ चला जाएगा.

इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट में विकास ने बताया, 'अस्‍पताल में मुझे एक सहयात्री ने सब बताया. जब मैंने ज्‍योति से पूछा कि आखिर उसने मुझे बचाने का प्रयास क्‍यों किया तो उसने कहा वह नर्सिंग स्‍टूडेंट है, इसलिए वह ऐसे समय में सिर्फ देखती नहीं रह सकती थी.' इसके बाद विकास ने खुद को उसकी इस हालत का जिम्‍मेदार ठहराया. फिर विकास ने ज्‍योति से शादी करके उसे नया जीवन देना तय किया. ज्‍योति के पिता शादी के लिए तैयार नहीं थे. ऐसे में ज्‍योति और विकास ने भागकर 2011 में शादी की.
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