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नागरिकता संशोधन बिल पर विरोध के चक्‍कर में ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया कर बैठे यह बड़ी चूक...

Anoop Mishra | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 11, 2019, 6:11 PM IST
नागरिकता संशोधन बिल पर विरोध के चक्‍कर में ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया कर बैठे यह बड़ी चूक...
पहले मीडिया से बातचीत और फिर ट्विट करने के दौरान ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने की है यह बड़ी चूक. (फाइल फोटो)

वरिष्‍ठ कांग्रेस (Congress) नेता ज्‍योतियादित्‍य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia)  की यह चूक उनकी पार्टी के लिए बड़ी किरकिरी का कारण बन सकती है.  

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नई दिल्‍ली: नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) पर अपना विरोध दर्ज कराते समय कांग्रेस (Congress) के वरिष्‍ठ नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) एक बड़ी चूक कर बैठे. उन्‍होंने यह चूक एक बार नहीं, बल्कि लगातार दो बार की. पहली बार यह चूक इंदौर (Indore) में मीडिया से बातचीत के दौरान हुई. इसके बाद, ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने एक ट्वीट (Tweet) किया, जिसमें उन्‍होंने उस चूक को एक बार फिर दोहरा दिया, जो चूक उन्‍होंने मीडिया (Media) से बातचीत के दौरान की थी. ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को भले ही यह चूक बेहद साधारण लगी हो, उनकी यह चूक उनके बयान के भाव को पूरी तरह से बदलने के लिए काफी थी.

दरअसल, कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने 11 दिसंबर की शाम करीब 4:18 बजे एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्‍होंने लिखा कि “CAB 2019 संविधान की मूल भावना के खिलाफ है, भारतीय संस्कृति के विपरीत भी है. अंबेडकर जी ने संविधान लिखते समय किसी को धर्म, जात के दृष्टिकोण से नहीं देखा था. भारत का इतिहास रहा है कि हमने सभी को अपनाया है- वासुदेव कुटुंबकम भारत की विशेषता है. धर्म के आधार पर पहले कभी ऐसा नहीं हुआ.”

ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया कहना चाहते थे कि नागरिकता संशोधन बिल हमारे देश की संस्‍कृति के खिलाफ है. अपनी इस बात को आधार देने के लिए उन्‍होंने एक ‘वासुदेव कुंटुंबकम’ फ्रेज का सहारा लिया. बस यहीं पर ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया चूक कर बैठे. दरअसल, अपनी बात को आधार देने के लिए वह ‘वसुधैव कुटुंबकम’ कहना चाहते थे, जिसका मतलब होता है ‘संपूर्ण पृथ्‍वी एक परिवार है. जबकि, उन्‍होंने पहले अपने बयान और फिर ट्वीट में कहा ‘वासुदेव कुटुंबकम’.

CAB 2019 के ि‍विरोध में ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने किया था यह ट्विट.
CAB 2019 के विरोध में ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने किया था यह ट्वीट.


आपको बता दें कि इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान, उन्‍होंने कहा था कि नागरिकता संशोधन बिल ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा इस बिल का केवल कांग्रेस ही नही बहुत सारी पार्टियां विरोध कर रही हैं. देश के अनेक राज्यों में उत्तर-पूर्व राज्यों की आप स्थिति देखिए. हमारे संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर ने संविधान लिखते वक्त किसी को जात पात के दृष्टिकोण से नहीं देखा था. पिछले तीन चार हजार साल से इस भारत माता की माटी ने सभी को अपनाया है. वासुदेव कुटुंबकम ही भारत की विशेषता रही है.,जो बिल आज लाया गया है वो सही नही है. मैं मानता हूं कि ये भारत की विचारधारा,भारत की सभ्यता और संस्कृति के विपरीत है.

बता दें कि पौराणिक कहानियों में हिंदुओं के आराध्‍य कृष्‍ण के पिता का नाम वासुदेव है. कई जगह पर श्रीकृष्‍ण को भी वासुदेव कहा जाता है. ऐसे में को हिंदुओं के आराध्‍य श्रीकृष्‍ण का कुटुंब बताकर ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया एक बड़ी चूक कर बैठे. आपको बता दें कि कांग्रेस संसद में इस बिल का विरोध सिर्फ धर्म के आधार पर कर रही है. कांग्रेस का तर्क है कि इस बिल में सभी धर्मों के लोगों को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए. ऐसे में ज्‍योतियादित्‍य सिंधिया की यह चूक कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी किरकिरी का कारण बन सकती है.

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First published: December 11, 2019, 5:54 PM IST
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