सेना ने लद्दाख में तैनात किए K-9 वज्र होवित्जर टैंक, पहाड़ों पर लड़ाई में बनेगा दुश्मनों का काल

के9 होवित्जर तोप सेना में शामिल. (adgpi twitter/18 feb 2021)

Indian Army: दरअसल के-9 वज्र होवित्जर तोप दक्षिण कोरिया के के-9 थंडर का स्वदेशी वर्जन है.

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    नई दिल्ली. सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने गुरुवार को आखिरी बचे 100 के-9 वज्र तोप को भारतीय सेना में शामिल कर लिया. इन तीनों होवित्जर तोपों को परीक्षण के मद्देनजर लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों पर तैनात किया गया है. 17 फरवरी को ही ये तोपें लेह आ गई हैं, जहां से इसे परीक्षण के लिए ऊंचाई वाले इलाके में ले जाया जाएगा, ताकि ऐसी जगहों पर भी दुश्मनों के खिलाफ इस हथियार का इस्तेमाल किया जा सके. समाचार एजेंसी एएनआई ने शीर्ष सरकारी सूत्रों के हवाले से गुरुवार को यह जानकारी दी.


    सूत्रों के मुताबिक परीक्षण में प्रदर्शन के आधार पर पहाड़ी अभियानों के लिए दो से तीन अन्य रेजीमेंट के लिए भी सेना इन होवित्जर तोपों के ऑर्डर देने पर विचार कर सकती है. सेना प्रमुख ने गुरुवार को गुजरात में सूरत के नजदीक हजीरा में लार्सन एंड टुर्बो की विनिर्माण इकाई का दौरा किया, जहां होवित्जर तोपों को तैयार किया जा रहा है. सेना में इन तोपों को शामिल करने से लेकर ऑपरेशन में इस्तेमाल करने तक की पूरी प्रक्रिया पर आर्मी चीफ की नजर है.


    भारतीय सेना ने दक्षिण कोरियाई कंपनी को 100 ऐसी तोपों के निर्माण का ऑर्डर दिया है, जिन्हें पिछले दो साल से सेना के अलग-अलग रेजीमेंटों में शामिल किया जा रहा है. दरअसल के-9 वज्र होवित्जर तोप दक्षिण कोरिया की के9 थंडर का स्वदेशी वर्जन है. भारतीय सेना ने कहा कि एल एंड टी ने स्वदेश में तैयार के-9 वज्र-टी 155 मिमी स्व-चालित तोपों की 100 इकाइयों की आपूर्ति की है.


    इन टैंकों की मारक क्षमता 38 किलोमीटर तक की है और इसे दक्षिण कोरियाई कंपनी की साझेदारी से मुंबई की कंपनी लार्सन एंड टुर्बो तैयार कर रही है. देश को हिला देने वाले बोफोर्स घोटाले के बाद से भारतीय सेना ने 1986 से लेकर अब तक एक भी भारी-भरकम तोप को शामिल नहीं किया है.


    एल एंड टी ने एक बयान में कहा कि 100 वें होवित्जर तोप को रवाना किए जाने के साथ ही कंपनी ने मई 2017 में रक्षा मंत्रालय द्वारा उसे दिए गए मौजूदा ठेके के तहत सभी तोपों की आपूर्ति सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. कंपनी ने कहा कि उसने समय से पहले आपूर्ति करने के अपने रिकॉर्ड का बनाए रखा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल जनवरी में हजीरा से 51 वें के-9 वज्र को हरी झंडी दिखाई थी.


    कंपनी ने अपनी 'मेक-इन-इंडिया' पहल के तौर पर तोपों के उत्पादन के लिए सूरत के पास अपने हजीरा विनिर्माण परिसर में एक ग्रीन-फील्ड निर्माण और परीक्षण सुविधा की स्थापना की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2018 में हजीरा में 'आर्मर्ड सिस्टम कॉम्प्लेक्स' राष्ट्र को समर्पित किया था.


    (इनपुट भाषा से भी)

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