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Kaiserganj Assembly Seat Result Update: कड़े मुकाबले में एसपी की जीत, गौरव वर्मा 7 हजार वोटों से हारे

UP Election News: बहराइच जिले की कैसरगंज विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी की झोली में चली गई है. सपा के आनंद यादव ने भाजपा के गौरव वर्मा को 7711 वोट से हरा दिया है.

UP Election News: बहराइच जिले की कैसरगंज विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी की झोली में चली गई है. सपा के आनंद यादव ने भाजपा के गौरव वर्मा को 7711 वोट से हरा दिया है.

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कैसरगंज. बहराइच जिले की कैसरगंज विधानसभा सीट (Kaiserganj Vidhansabha Seat Result) पर समाजवादी पार्टी की झोली में चली गई है. सपा के आनंद यादव (SP candidate Anand Yadav) ने भाजपा ने गौरव वर्मा (BJP candidate Gaurav Verma) को 7711 वोट से हरा दिया है. इस सीट पर दोनों के बीच लगातार कड़ा मुकाबला चलता रहा. कैसरगंज विधानसभा सीट (Kaiserganj Chunav Result) पर पिछले दो चुनाव में भाजपा को जीत मिली है.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election Result) की इस सीट पर कांग्रेस ने गीता सिंह (Congress candidate Geeta Singh), और बसपा ने बकाउल्‍लाह (BSP candidate bakaullah) को टिकट दी थी. कैसरगंज सीट पर पांचवें चरण में 27 फरवरी को मतदान हुआ था.

इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा

इस सीट पर 57.88 फीसदीमतदान हुआ था. 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां 56.44 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. जातीय समीकरणों की बात करें तो यहां पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. इसके अलावा दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाता भी चुनावी नतीजों को बदल देते हैं. दलित और पिछड़ा वर्ग के कारण यहां पर हमेशा बसपा और सपा को उम्मीद रहती है.

परिसीमन के बाद बदले समीकरण

बहराइच जिले की इस सीट की बात की जाए तो यह 2008 में परिसीमन के बाद इस सीट का समीकरण बदल गया. यूं तो इस सीट पर किसी भी एक पार्टी का एकाधिकार नहीं कहा जा सकता लेकिन परिसीमन के बाद इस सीट का बड़ा हिस्सा पयागपुर में शामिल हो गया. साथ ही फखरपुर विधानसभा का आंशिक हिस्सा यहां से जुड़ गया. इस कारण 2012 और 2017 के चुनावों पर इसका असर पड़ा.

भाजपा को मिल रही है जीत

2017 में भी मुकुट बिहारी को लोगों ने तीसरी बार विधायक बनाया. 2017 में उन्होंने बसपा के खालिद खान को शिकस्त दी. बिहारी ने खान को 27363 मतों से हराया. 2012 में भाजपा के मुकुट बिहारी वर्मा विधायक बने. 2007 में यहां पर बहुजन समाज पार्टी सामने आई. पार्टी के गुलाम मोहम्मद खान को लोगों ने यहां पर ​​विधायक की कुर्सी पर बैठाया और बसपा पहली बार यहां पर खाता खोलने में कामयाब रही.

इस सीट के इतिहास को देखें तो 1991 में राममंदिर लहर में इस सीट से भाजपा के उम्मीदवार रूदेन्द्र विक्रम सिंह ने जीत हासिल की थी. 1993 में यहां से समाजवादी पार्टी को जीत हासिल हुई थी. सपा के प्रत्याशी रामतेज यादव पर जनता ने भरोसा दिखाया था. 1996 में भी रामतेज यादव को ही जनता ने पसंद किया और दूसरी बार विधायक की कुर्सी पर बैठाया. दस साल बाद 2002 में फिर से भारतीय जनता पार्टी ने यहां से जीत दर्ज की. यहां पर कुल मतदाता 323269 संख्या है. इसमें से महिला मतदाता 143336 हैं और पुरुष मतदाता 179933 हैं.

Tags: Assembly elections, Uttar Pradesh Elections

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