सोनिया ने स्टालिन को लिखी भावुक चिट्ठी, कहा- 'मेरे लिए पिता समान थे करुणानिधि'

सोनिया ने स्टालिन को लिखी भावुक चिट्ठी, कहा- 'मेरे लिए पिता समान थे करुणानिधि'
लंबी बीमारी के बाद मंगलवार शाम चेन्नई के कावेरी अस्पताल में उनका निधन हो गया.

यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने स्टालिन के नाम चिट्ठी में लिखा- 'करुणानिधि का जाना मेरे लिए निजी क्षति है. कलैगनार (करुणानिधि) मेरे लिए पिता समान थे. हम अब उन्हें कभी देख नहीं पाएंगे. ऐसे राजनेता को खोना देश का नुकसान है.'

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  • Last Updated: August 8, 2018, 2:12 PM IST
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द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) प्रमुख, तमिलनाडु के पांच बार के मुख्यमंत्री और 60 साल तक विधायक रह चुके मुथुवेल करुणानिधि नहीं रहे. लंबी बीमारी के बाद मंगलवार शाम को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में उनका निधन हो गया. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की चेयरमैन सोनिया गांधी ने भी करुणानिधि के निधन पर शोक जाहिर किया. सोनिया ने करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन के नाम एक इमोशनल लेटर लिखा है.

यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने स्टालिन के नाम चिट्ठी में लिखा- 'करुणानिधि का जाना मेरे लिए निजी क्षति है. कलैगनार (करुणानिधि) मेरे पिता समान थे. हम अब उन्हें कभी देख नहीं पाएंगे. ऐसे राजनेता को खोना देश का नुकसान है.'

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी, उपमुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम और दक्षिण के सुपरस्टार रजनीकांत समेत तमाम दिग्गजों ने करुणानिधि के निधन पर शोक जाहिर किया है.



सोनिया गांधी करुणानिधि के साथ काफी आत्मीयता रखती थीं. इसपर एक किस्सा भी चर्चित है. तमिल वेबसाइट 'लोकप्रिय' की एक खबर के मुताबिक, 11 मई 2007 में करुणानिधि ने बतौर विधायक 50 साल पूरे किए थे. देशभर के नेता उन्हें बधाई देने चेन्नई पहुंचे थे. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उस समय के प्रधानमंत्री और दो पूर्व-प्रधानमंत्रियों के साथ उस कार्यक्रम में मौजूद थीं. जश्न का माहौल था, लेकिन करुणानिधि को अपने भांजे दयानिधि मारन की फिक्र थी.
जब करुणानिधि ने मंगलसूत्र की वजह से छोड़ दी प्रेमिका

करुणानिधि ने सोनिया गांधी के सामने अपनी फिक्र जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि 'दया को निकालना होगा. उसने हमें विफल किया है.' सोनिया ने कहा, 'परेशान मत होइए. आपकी इच्छा पूरी हो जाएगी.'

उस समय DMK के समर्थन के बिना यूपीए का केंद्र में रहना मुश्किल होता. जिन करुणानिधि के खास अनुरोध पर दयानिधि को ये महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया था, उन्हीं के कहने पर दयानिधि मंत्रिमंडल से बाहर कर दिए गए.
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