पश्चिम बंगाल: इस साल ममता के आवास पर सादगी से हुई काली पूजा, खास लोग ही हुए शामिल

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने इस बार खास लोगों के साथ आवास पर की काली की पूजा.
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने इस बार खास लोगों के साथ आवास पर की काली की पूजा.

ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के सांसद अभिषेक ने बताया कि हर साल बड़ी संख्या में लोगों को आमंत्रित किया जाता था, लेकिन इस बार महामारी के कारण बनर्जी के आवास पर सादगी से पूजा की गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 15, 2020, 1:51 PM IST
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कोलकाता. हर साल की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) के आवास पर यज्ञ और मंत्रोच्चारण के बीच काली पूजा की गई, लेकिन इस बार कोविड-19 (Covid-19) संबंधी प्रतिबंधों के कारण मंत्रियों और दूसरी हस्तियों को पूजा में आमंत्रित नहीं किया गया. तृणमूल के सूत्रों बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने भोग तैयार करने समेत सभी तैयारियां अपनी निगरानी में कराई हैं.

कुछ नेता ही शामिल हुए
सूत्रों ने बताया कि पूजा में बनर्जी के परिजन एवं उनकी पार्टी के कुछे क शीर्ष नेताओं समेत कुछ अन्य लोग शामिल हुए. ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक को शहर के कालीघाट इलाके में स्थित बनर्जी के आवास में अग्नि के समक्ष यज्ञ में भाग लेते देखा गया. उन्होंने बताया कि इस मौके पर हर साल बड़ी संख्या में लोगों को आमंत्रित किया जाता था, लेकिन इस बार महामारी (Pandemic) के कारण बनर्जी के आवास पर सादगी से पूजा की गई. पिछले साल काली पूजा में शामिल होने के लिये राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी अपनी पत्नी के साथ ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचे थे.

युवाओं को मोटरसाइकिल देगी ममता सरकार
बंगाल में 2020 में होने वाले चुनावों की तैयारियां राज्य में शुरू हो गई हैं. ऐसे में ममता सरकार ने बंगाल के युवाओं को 'कर्म साथी' योजना के तहत मोटरसाइकिल देने का फैसला किया है. कहा जा रहा है कि सीएम ममता बनर्जी ने यह फैसला बीती 4 नवंबर को लिया था. इसका मकसद करीब 10 लाख लोगों की मदद करना था.



इधर शुभेंदु अधिकारी को मनाने में लगी टीएमसी
ममता बनर्जी की कैबिनेट में ट्रांसपोर्ट मंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) काफी समय से पार्टी छोड़ने के संकेत दे रहे हैं. अधिकारी ने बीती 10 नवंबर को नंदीग्राम में एक रैली की थी. खास बात है कि इस रैली में पार्टी का कोई भी बैनर नजर नहीं आया था और इस कार्यक्रम में भी उन्होंने खुद को तृणमूल नेता या ट्रांसपोर्ट मंत्री के तौर पर पेश नहीं किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल ममता और उनके चुनवी रणनीतिकार प्रशांत किशोर बागी नेता अधिकारी को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं. (इनपुट: भाषा)
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