CAA प्रदर्शन: मद्रास विश्वविद्यालय के दरवाजे से ही छात्रों से मिले कमल हासन, कहा- हमेशा आवाज उठाता रहूंगा

CAA प्रदर्शन: मद्रास विश्वविद्यालय के दरवाजे से ही छात्रों से मिले कमल हासन, कहा- हमेशा आवाज उठाता रहूंगा
कमल हसन ने नागरिकता कानून का विरोध कर रहे मद्रास विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात की

मक्कल निधि मइयम (Makkal Needhi Maiam) के प्रमुख कमल हासन (Kamal Haasan) ने दरवाजे से ही छात्रों से मुलाकात करने के बाद कहा कि मुझे अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली. जब तक मैं जिंदा हूं मैं खुद को एक छात्र कहता रहूंगा, मैं यहां छात्रों का रक्षक बनकर आया हूं.

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  • Last Updated: December 18, 2019, 7:22 PM IST
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चेन्नई. संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Act) को लेकर देश के अलग-अलग भागों में प्रदर्शन जारी है. चेन्नई (Chennai) की मद्रास यूनिवर्सिटी (Madras University) के छात्र भी इस कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. बुधवार को मशहूर अभिनेता और मक्कल निधि मइयम (Makkal Needhi Maiam) के प्रमुख कमल हासन (Kamal Haasan) ने छात्रों से मुलाकात की. हालांकि उन्हें विश्वविद्यालय में दाखिल होने की अनुमति नहीं दी गई.

कमल हासन ने दरवाजे से ही छात्रों से मुलाकात करने के बाद कहा, 'मुझे अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली. जब तक मैं जिंदा हूं मैं खुद को एक छात्र कहता रहूंगा, मैं यहां छात्रों का रक्षक बनकर आया हूं. पार्टी बनाने से पहले और उसके बाद भी मैं हमेशा अपनी आवाज उठाता रहा हूं और अब जब मैंने पार्टी बना ली है तो ये मेरी जिम्मेदारी है कि मैं यहां आऊं.'

छात्रों ने किया प्रदर्शन
आपको बता दें मद्रास विश्वविद्यालय में छात्रों के एक धड़े ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी प्रदर्शन किया. छात्रों ने कहा कि वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे. इस बीच पुलिसकर्मी भी परिसर में तैनात रहेंगे. परिसर में मंगलवार को पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बताया कि उन्होंने छात्रों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है.



राजनीति विज्ञान के छात्र के. रघु प्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस द्वारा ले जाए गए दो छात्रों को कल रात यहां वापस भेज दिया गया. इन दो छात्रों को विश्वविद्यालय के मरीना परिसर में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए संबद्ध कॉलेजों के छात्रों को कथित तौर पर उकसाने के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस अपने साथ ले गई थी. प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार विश्वविद्यालय में दो जनवरी तक छुट्टी की घोषणा कर दी गई है.

डीएमके ने की कानून निरस्त करने की मांग
वहीं चेन्नई में ही द्रमुक (DMK) और वाम दलों सहित उसके सहयोगियों की बुधवार को हुई एक बैठक में केंद्र से संशोधित नागरिकता अधिनियम को तुरंत निरस्त करने की मांग की गई तथा देश भर में प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी को संविधान के विरूद्ध करार दिया गया.

इस बैठक में पारित एक प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि कानून में किए गए संशोधन में धर्म और जाति का पहलू भी है और इसमें ‘ऐलम तमिलों’ को नजरअंदाज किया गया है. बैठक में शामिल सभी दलों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश में अमन और शांति बनाए रखने के लिए इस संशोधन को वापस ले लेना चाहिए.

बैठक में शामिल हुए ये नेता
द्रमुक मुख्यालय 'अन्ना अरिवायलम’ में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन (MK Stalin) ने की. इस बैठक में एमडीएमके प्रमुख वाइको, तमिलनाडु कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के एस अलागिरी, माकपा के राज्यसचिव के बालकृष्णन और भाकपा के राज्य सचिव आर मुथरासन सहित गठबंधन दलों के नेताओं की उपस्थिति रही.

बैठक में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि असम (Assam) में एनआरसी (NRC) लागू होने से सिर्फ मुसलमान ही नहीं लाखों हिंदू भी अपने भविष्य को लेकर जूझ रहे हैं.

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