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PM मोदी से मीटिंग में कमला हैरिस ने लिया पाकिस्तान का नाम, आतंकवाद के खिलाफ जंग में इसके मायने क्या, समझिए

व्हाइट हाउस में अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच चर्चा हुई थी. (फोटो: AP)

व्हाइट हाउस में अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच चर्चा हुई थी. (फोटो: AP)

PM Modi in America: उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) ने कहा कि भारत, अमेरिका का काफी अहम साझेदार है. इतिहास में हमारी दुनिया को सुरक्षित और मजबूत दुनिया बनाने के लिए भी हमारे राष्ट्रों ने साथ मिलकर काम किया और साथ खड़े रहे.

  • News18Hindi
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    वॉशिंगटन. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने पाकिस्तान (Pakistan) और आतंकवाद (Terrorism) के कनेक्शन पर ‘स्वत: संज्ञान’ लिया है. इस बात की जानकारी विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को दी है. अमेरिकी पक्ष की तरफ से पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर कही गई बात को भारत के लिए जीत की तरह देखा जा सकता है. दरअसल, भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि पड़ोसी मुल्क आतंकवाद में मदद कर रहा है. राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) से मुलाकात के एक दिन पहले ही व्हाइट हाउस में हैरिस और पीएम मोदी के बीच चर्चा हुई है.

    यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैरिस की मुलाकात के दौरान आतंकवाद में पाकिस्तान की भूमिका का मुद्दा आया था, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने संवाददाताओं से कहा, ‘जब आतंकवाद का मुद्दा आया तो उपराष्ट्रपति ने इस संबंध में (आतंकवाद के) पाकिस्तान की भूमिका का उल्लेख किया.’ श्रृंगला के मुताबिक हैरिस ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं.

    उन्होंने कहा, ‘हैरिस ने पाकिस्तान से कार्रवाई करने को कहा ताकि इससे (आतंकवाद संगठनों से) अमेरिका और भारत की सुरक्षा पर कोई असर न पड़े. सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से मिली जानकारी पर वह सहमत थीं. उन्होंने इस तथ्य को भी स्वीकारा कि भारत कई दशकों से आतंकवाद का पीड़ित रहा है और ऐसे आतंकवादी समूहों के लिए पाकिस्तान के समर्थन पर लगाम लगाने और बारीकी से निगरानी करने की आवश्यकता है.’

    हैरिस ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना दोनों देशों का दायित्व है और यह दोनों देशों के लोगों के सर्वोत्तम हित में है. उन्होंने कहा, ‘चूंकि दुनिया भर के लोकतंत्र खतरे में हैं ऐसे में यह जरूरी है कि हम अपने-अपने देशों और दुनिया भर में लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संस्थानों की रक्षा करें और अपने-अपने देश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए निश्चित ही प्रयास करें. जाहिर तौर पर लोकतंत्र की रक्षा करना हमारे देशों के नागरिकों के सर्वोत्तम हित में है.’

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत, अमेरिका का काफी अहम साझेदार है. इतिहास में हमारी दुनिया को सुरक्षित और मजबूत दुनिया बनाने के लिए भी हमारे राष्ट्रों ने साथ मिलकर काम किया और साथ खड़े रहे. हैरिस ने दोहराया कि भारत हिंद-प्रशांत में साझेदार है. उन्होंने कहा, ‘भारत की तरह ही अमेरिका भी हिंद-प्रशांत का सदस्य होने पर काफी गर्व महसूस करता है.’

    पाकिस्तान से नाराज है अमेरिका
    अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर भी अमेरिकी सांसद विरोध जाहिर कर चुके हैं. सांसदों ने इस्लामाबाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. न्यू जर्सी के डेमोक्रेट नेता बॉब मेनेंडेज और इडाहो के रिपब्लिकन नेता जेम्स रिश ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के दोहरे व्यवहार को लेकर कार्रवाई की मांग उठाई थी. हाल ही में अफगानिस्तान से सेना की वतन वापसी पर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच दशकों पुराने द्विपक्षीय संबंधों में दरार आई थी.

    अमेरिका लंबे समय तक इस्लामाबाद को तालिबान में मध्यस्थ मानता रहा, लेकिन सेना के लौटने के बाद अमेरिका इसे तालिबान की जीत का कारण मान रहा है. कहा जा रहा है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान के मामलों में लगातार दखल दे रहा है. वहीं, कथित रूप से पाक की खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख तालिबान शासन के अलग-अलग गुटों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. (भाषा इनपुट के साथ)

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