कंगना-BMC विवाद: बॉम्बे HC का आदेश- संजय राउत बताएं किसे कहा था हरामखोर

अभिनेत्री ने बाद में अपनी याचिका में संशोधन करते हुए बीएमसी से दो करोड़ रुपये हर्जाने की मांग भी की थी (फाइल फोटो)
अभिनेत्री ने बाद में अपनी याचिका में संशोधन करते हुए बीएमसी से दो करोड़ रुपये हर्जाने की मांग भी की थी (फाइल फोटो)

कंगना रनौत (Kangana Ranaut) का कार्यालय तोड़े जाने के मामले में सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में तीखी बहस हुई. कोर्ट ने संजय राउत से पूछा कि उन्हें बताना होगा कि उन्होंने किसे 'हरामखोर' कहा था. वहीं कोर्ट ने बीएमसी (BMC) की कार्रवाई से जुड़ी फाइलें और राउत के इंटरव्यू के क्लिप भी जांच के लिए मांगे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 4:22 PM IST
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मुंबई. बॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने अभिनेत्री कंगना रनौत (Actress Kangana Ranaut) की, बीएमसी (BMC) की ओर से कार्रवाई में उनके बंगले के एक हिस्से को गिराए जाने के खिलाफ दायर याचिका (Plea) पर शिवसेना (Shiv Sena) के प्रमुख प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) से सोमवार को जवाब मांगा. इस दौरान तीखी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनसे पूछा कि उन्होंने 'हरामखोर' शब्द का इस्तेमाल किसके लिए किया था. इस शब्द को लेकर गर्मागर्म बहस (Debate) भी हुई. बता दें कि कोर्ट की सुनवाई 3 बजे से फिर शुरू हो गई है.

कोर्ट ने कंगना के वकील से बीएमसी (BMC) की कार्रवाई की फाइल और संजय राउत की क्लिप जांच के लिए लाने को कहा. वहीं इससे पहले कंगना के वकील ने 5 सितंबर के उस ट्वीट (Tweet) को भी कोर्ट के सामने रखने को कहा, जिसे लेकर कंगना का दावा है कि उसी के चलते उनका दफ्तर (Office) तोड़ा गया ताकि टाइमिंग का पता लग सके. कंगना के वकील (advocate) बिरेंद्र सराफ ने राउत का एक बयान कोर्ट में प्ले किया, जिसमें उन्होंने हरामखोर 'शब्द' बोला था. इस पर संजय राउत (Sanjay Raut) के वकील ने कहा कि मेरे क्लायंट ने किसी का नाम नहीं लिया है. जिसके बाद कोर्ट ने इस बयान को रिकॉर्ड करने के बारे में पूछा. जिस पर राउत ने कल इस पर एफिडेविट फाइल करने की बात कही.

किसी को भेजकर दो करोड़ के नुकसान का जायजा लेने का आग्रह भी किया
कंगना के वकील ने कहा कि इससे उनकी क्लायंट को 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने कोर्ट से किसी को भेजकर नुकसान का जायजा लेने का आग्रह भी किया. जस्टिस एस. जे. कथावाला और जस्टिस आर. आई चागला की पीठ, बृहन्मुंबई नगर निगम के अभिनेत्री के बंगले के एक हिस्से को गिराए जाने की कार्रवाई की सुनवाई कर रही है.
रनौत के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने पिछले मंगलवार को ही अदालत में एक डीवीडी सौंपी थी, जिसमें शिवसेना नेता राउत द्वारा अभिनेत्री को कथित तौर पर धमकाने वाला एक बयान होने की बात कही थी. इसके बाद पीठ ने राउत और बीएमसी अधिकारी लाते को मामले में पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी थी.



कंगना ने बंगले के हिस्से को तोड़े जाने को अवैध घोषित करने के लिए डाली है याचिका
रनौत ने नौ सितंबर को उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिसमें याचना की गई कि कि यहां पाली हिल क्षेत्र में उनके बंगले के एक हिस्से को बीएमसी द्वारा तोड़े जाने को अदालत अवैध घोषित करे.

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अभिनेत्री ने इसके बाद अपनी याचिका में संशोधन करते हुए बीएमसी से दो करोड़ रुपये हर्जाने की मांग भी की थी.
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