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संबित ने बताया 'अफजल प्रेमी', तो कन्हैया ने पूछा- मेरे खिलाफ चार्जशीट क्यों नहीं

News18Hindi
Updated: December 8, 2017, 7:34 AM IST
संबित ने बताया 'अफजल प्रेमी', तो कन्हैया ने पूछा- मेरे खिलाफ चार्जशीट क्यों नहीं
संबित पात्रा और कन्हैया कुमार
News18Hindi
Updated: December 8, 2017, 7:34 AM IST
न्यूज 18 इंडिया की चौपाल में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के बीच तीखी बहस हुई.  इस दौरान संबित पात्रा ने कन्हैया पर अफजल गुरु की बरसी मनाने और देश विरोधी नारे लगाने का आरोप लगाया.

जवाब में कन्हैया ने कहा कि उनका भाई देश के लिए शहीद हुआ है. परिवार के 16 लोग सेना में हैं. उनके घर में स्वतंत्रता सेनानी का पेंशन आया है. क्या संबित पात्रा के घर से कोई शहीद हुआ है?

कन्हैया कुमार ने कहा, 'संबित आप में ह्यूमर नहीं है. आप बताइए कि मेरे खिलाफ चार्जशीट क्यों नहीं दाखिल हुई'. इसके जवाब में संबित ने कहा, 'हां आप कहते हैं तो मैं मानता हूं कि मेरे पास ह्यूमर नहीं है. लेकिन मैं कोर्ट की कॉपी पढ़ता हूं.' हालांकि, इस मुद्दे पर संबित और कन्हैया दोनों एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे.

संबित ने कहा कि अखबारों में छपा है कि आप देश विरोधी नारे लगाते हैं. अफजल गुरु की बरसी मनाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कन्हैया कहते हैं कि आर्मी महिलाओं के साथ रेप करती है. यह कई अखबारों में भी छपा है. इसके जवाब में कन्हैया ने कहा कि मैंने ऐसा कभी नहीं कहा है. अखबार की सभी चीजें सही नहीं होती हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति सहित कई राज्यों में बीजेपी की सरकार है. फिर 18 महीने में चार्जशीट क्यों नहीं दाखिल हुई.




कन्हैया ने कहा, जोर से चिल्लाने से बात सही नहीं हो जाती. आप सिर्फ ये बताइए कि चार्जशीट क्यों नहीं हुई. पात्रा ने कहा, मैं चाइनीज एजेंट नहीं हूं. देश के लिए जीता हूं और देश का खाता हूं. इनका हीरो मकबूल भट्ट और अफजल है. कन्हैया ने कहा, शहीद की बेटी को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से भगा दिया, ये इनका राष्ट्रवाद है. हंगामा प्रायोजित होता है.

इसके बाद कन्हैया और संबित में फिर इतिहास में सुधार को लेकर तीखी बहस हो गई. कन्हैया ने कहा-संघ की विचारधारा और शुरुआती पहनावा मुसोलिनी और फासिज्म से प्रेरित रहा है, ये बात संघ के शुरुआत नेताओं में साहित्य में मिलती भी है. इसके जवाब में जब संबित अपना जवाब शुरू किया तो आरोप प्रत्यारोपों का सिलसिला फिर शुरू हो गया.
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