दिल्ली दंगों के बारे में पुलिस ने कपिल मिश्रा से की थी पूछताछ, मौजपुर में भाषण देने से किया इंकार: चार्जशीट

कड़कड़डूमा अदालत में पिछले हफ्ते दाखिल की गई चार्जशीट में दिल्ली पुलिस की ओर से यह टिप्पणी दर्ज की गई है (कपिल मिश्रा की फाइल फोटो)
कड़कड़डूमा अदालत में पिछले हफ्ते दाखिल की गई चार्जशीट में दिल्ली पुलिस की ओर से यह टिप्पणी दर्ज की गई है (कपिल मिश्रा की फाइल फोटो)

चार्जशीट में उन सवालों का जिक्र किया गया है, जो उनके मौजपुर दौरे (Visit to Maujpur) और 23 फरवरी के उनके एक भाषण के वायरल वीडियो (Viral Video) के बारे में उनसे पूछे गये थे. कथित वीडियो में, मिश्रा को एक सीएए समर्थकों (CAA Supporters) के समूह को मौजपुर ट्रैफिक सिग्नल के पास संबोधित करते देखा जा सकता है, जबकि उनके पास ही डीसीपी (उत्तर-पूर्वी) वेद प्रकाश सूर्या खड़े हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 11:55 PM IST
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(नितीशा कश्यप)

नई दिल्ली. बीजेपी (BJP) नेता कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) से दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने 28 जुलाई को फरवरी में भड़के उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के दंगों (Nort-East Delhi Riots) से जुड़ाव के मामले में पूछताछ की थी. उनसे पूछताछ के दौरान, मिश्रा ने अपने मौजपुर (Maujpur) के दौरे के दौरान कोई भाषण देने की बात से इंकार दिया. कड़कड़डूमा अदालत (Karkardooma court) में पिछले हफ्ते दाखिल की गई चार्जशीट (Chargesheet) में दिल्ली पुलिस की ओर से यह टिप्पणी दर्ज की गई है.

चार्जशीट में उन सवालों का जिक्र किया गया है, जो उनके मौजपुर दौरे (Visit to Maujpur) और 23 फरवरी के उनके एक भाषण के वायरल वीडियो (Viral Video) के बारे में उनसे पूछे गये थे. कथित वीडियो में, मिश्रा को एक सीएए समर्थकों (CAA Supporters) के समूह को मौजपुर ट्रैफिक सिग्नल के पास संबोधित करते देखा जा सकता है, जबकि उनके पास ही उत्तर-पूर्वी डीसीपी (DCP North-East) वेद प्रकाश सूर्या खड़े हैं.



"कोई भाषण नहीं दिया, सिर्फ पुलिस से 3 दिनों के अंदर रोड खाली कराने के लिए कहा"
चार्जशीट के मुताबिक मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कोई भाषण नहीं दिया था और वे सिर्फ पुलिस से तीन दिनों के अंदर रोड को खाली कराने के लिए कह रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इलाके में जाने से पहले डीसीपी नॉर्थ-ईस्ट वेद प्रकाश सूर्या को बुलाया था. तब डीसीपी उनके साथ दंगा रोकने वाली पोशाक में आए थे, हालांकि जब तक वे वहां पहुंचे तब तक कई इलाकों में दंगे पहले ही शुरू हो चुके थे.



उन्होंने पुलिस से यह भी कहा कि सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के चलते इलाके के स्थानीय अपनी दुकानें नहीं चला पा रहे थे और बच्चे स्कूल जा पाने में कठिनाई का अनुभव कर रहे थे. यह पूछे जाने पर कि क्या दंगों से पहले वे उत्तर-पूर्वी दिल्ली में गये थे, उन्होंने कहा कि उनका घर यमुना विहार में है, जो उसी जिले में आता है.

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उनके मौजपुर के दौरे के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा किया क्योंकि उनके पास लगातार स्थानीयों के फोन आ रहे थे जो उनसे कह रहे थे कि सड़क बंद होने के कारण वे परेशानियों का सामना कर रहे हैं. मिश्रा ने पुलिस को दिये बयान में कहा, "दोपहर 02:45 पर वहां लोगों ने मुझे बताया कि पत्थरबाजी शुरू हो गई है और पुलिस को जाफराबाद में पुलिस को बैरिकेडिंग में बहुत समस्या हो रही है."
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