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विदा हो गया कारगिल का हीरो 'मिग-27', जोधपुर में 'बहादुर' ने भरी आखिरी उड़ान

विदा हो गया कारगिल का हीरो 'मिग-27', जोधपुर में 'बहादुर' ने भरी आखिरी उड़ान

लड़ाकू विमान मिग -27 ने आज जोधपुर में भरी आखिरी उड़ान. (फाइल फोटो)

लड़ाकू विमान मिग -27 ने आज जोधपुर में भरी आखिरी उड़ान. (फाइल फोटो)

मिग-27 (MiG-27) मूल रूप से रूसी लड़ाकू विमान (Russian fighter aircraft) है, जिसका डिजाइन और निर्माण सोवियत संघ के मिकोयना-गुरविच ब्यूरो ने किया था.

    नई दिल्ली. साल 1999 के करगिल युद्ध (Kargil War) में अहम भूमिका निभाने वाले और भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में तीन दशक से अधिक समय तक सेवा में रहने वाले लड़ाकू विमान (Fighter Aircraft) मिग-27 ने शुक्रवार को राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर आखिरी उड़ान भरी. विदाई के दौरान मिग-27 को सलामी दी गई.

    बता दें कि मिग-27 मूल रूप से रूसी लड़ाकू विमान है, जिसका डिजाइन और निर्माण सोवियत संघ के मिकोयना-गुरविच ब्यूरो ने किया था. बाद में इस विमान के निर्माण और डिजाइन का लाइसेंस लेकर इसका निर्माण भारत में किया गया. भारत में बने मिग-27 विमान को 'बहादुर' नाम दिया गया. हिंदुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड (HAL) ने शुरू में 167 मिग-27 बनाए थे, जिनमें 86 का अपग्रेडेशन किया गया था. इन विमानाें को 1985 में भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया था.



    'स्विंग..विंग फ्लीट वाले मिग-27 लड़ाकू विमान की खास बात ये है कि इसे आगे या पीछे करके इसकी स्पीड कम और ज्यादा की जा सकती है. स्पीड कम करने से किसी भी लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने में मदद मिलती थी. मिग-27 की इसी खासियत की वजह से भारत ने इस लड़ाकू विमान को रूस से खरीदा था. इस लड़ाकू विमान में काफी आधुनिक सिस्टम लगाए गए थे. इसी के साथ इसमें वेपन कंप्यूटर भी लगे थे. इन कंप्यूटर की मदद से अलग-अलग हथियारों को दागने में मदद मिलती थी. यह विमान एक साथ चार हजार किलोग्राम के हथियार ले जाने की क्षमता रखता है.



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    रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
    रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'इस बेड़े ने ऐतिहासिक करगिल युद्ध के दौरान गौरव हासिल किया था, जब इसने दुश्मन के ठिकानों पर रॉकेट और बम सटीकता से गिराये थे. इस बेड़े ने ऑपरेशन 'पराक्रम' में भी सक्रिय भूमिका निभायी थी.' वहीं भारतीय वायुसेना ने ट्वीट किया, 'भारतीय वायु सेना के बेड़े में 1985 में शामिल किया गया यह अत्यंत सक्षम लड़ाकू विमान ज़मीनी हमले की क्षमता का आधार रहा है.' वायु सेना के सभी प्रमुख ऑपरेशन्स में भाग लेने के साथ मिग-27 नें 1999 के कारगिल युद्ध में भी एक अभूतपूर्व भूमिका निभाई थी.

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    Tags: 1999 Kargil War, Fighter jet, Indian Airforce, Kargil war, MIG-27, Rajasthan news

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